मोहाली:- रेजीडेंस वेलफेयर सोसाइटी सेक्टर 110 की बैठक राजविंदर सिंह सराओ की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि टी.डी.आई. बिल्डर द्वारा गमाडा/पुडा के अधिकारियों के साथ मिलकर इन सेक्टरों में जो अनियमितताएं की गई हैं, उनके संबंध में ई.डी. (प्रवर्तन निदेशालय) के निदेशक को पत्र लिखकर इन अनियमितताओं की जांच की मांग की जाए। ई.डी. के निदेशक को पत्र लिखकर मांग की गई है कि अन्य बिल्डरों की तरह टी.डी.आई. बिल्डर द्वारा लोगों और सरकार के साथ की गई धोखाधड़ी की उच्च स्तरीय जांच करके बनती कार्रवाई की जाए।
सोसाइटी के नेताओं ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस बिल्डर द्वारा अलग-अलग समय पर इन सेक्टरों के ले-आउट प्लान में 459 प्लॉटों की जगह लगभग 1377 फ्लैट बनाकर फ्लोर-वाइज (मंजिल के अनुसार) बेचे गए। इस क्षेत्र में पार्किंग की जगह भी पॉलिसी (नीति) के अनुसार नहीं छोड़ी गई और न ही ग्रुप हाउसिंग स्कीम के अनुसार सरकार को फीस दी गई है। इन सेक्टरों में कुछ क्षेत्र ऐसा भी है, जिस क्षेत्र का मालिकाना हक ना होने के बावजूद भी इस बिल्डर ने सी.एल.यू. (भूमि उपयोग परिवर्तन) प्राप्त किया हुआ है।
सेक्टर 110 में हाई स्कूल की साइट भी गमाडा/पुडा के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके 66के.वी. लाइन के बिल्कुल नीचे पास करवा ली गई है, जो कि सी.बी.एस.ई. बोर्ड के निर्देशों के अनुसार पास नहीं हो सकती थी। वर्ष 2009 में पास करवाई गई कम्युनिटी सेंटर (सामुदायिक केंद्र) की जगह में वर्ष 2015 में क्लब पास करवा लिया गया है। वर्ष 2009 से 2015 तक क्लब की साइट ना होने के बावजूद भी लोगों से क्लब की मेंबरशिप के तौर पर प्रति सदस्य 50,000/- रुपये एकत्रित किए गए हैं।
क्लब पास करते समय गमाडा के कर्मचारियों द्वारा नक्शे में भी जालसाजी की गई है, लेकिन किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। सेक्टर 111 में से गुजरने वाले लखनौर चोअ (बरसाती नाले) के आस-पास जल निकासी और सिंचाई विभाग के नियमों के अनुसार जगह नहीं छोड़ी गई है, बिल्डर द्वारा गमाडा और पुडा के अधिकारियों के साथ मिलकर गलत ले-आउट प्लान पास करवाया गया है।
इस बिल्डर द्वारा वर्ष 2015 में अनेक खामियां होने के बावजूद गमाडा/पुडा के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर पार्शियल कंप्लीशन सर्टिफिकेट (आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र) ले लिया गया है। जिसे रेजीडेंस वेलफेयर सोसाइटी द्वारा चुनौती दी गई थी, लेकिन गमाडा और पुडा के अधिकारियों द्वारा संबंधित फाइल ही गायब करवा दी गई है।
गमाडा/पुडा के दफ्तर में यह आम देखने में आता है कि जब इनके कर्मचारी या अधिकारी किसी केस में फंसते हुए नजर आते हैं, तो ये फाइलें ही गायब कर देते हैं; यह चलन इस दफ्तर में आम ही चलता है। इसी तरह सेक्टर 111 में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस कचरा प्रबंधन) की साइट भी आबादी वाले क्षेत्र के पास मंजूर की गई है, जो कि पॉलिसी के अनुसार ठीक नहीं है।
नेताओं ने बताया कि गमाडा/पुडा का यह मुख्य दफ्तर भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, इसलिए ई.डी. के निदेशक को पत्र लिखकर मांग की गई है कि गमाडा/पुडा के संबंधित अधिकारियों और बिल्डर के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को इंसाफ मिल सके।
टीडीआई बिल्डर द्वारा गमाडापुडा के अधिकारियों के साथ मिलकर की गई अनियमितताओं की ईडी को पत्र लिखकर जांच मांगी
