चंडीगढ़, 16 सितम्बर 2025: पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ में चल रहे इंडस्ट्री–अकादमिक वीक के दूसरे दिन विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित सत्रों ने छात्रों और फैकल्टी को उद्योग जगत की नई जानकारियों से जोड़ा।
कार्यक्रम की शुरुआत इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने की, जहाँ श्री राजीव सप्रा, पूर्व डीजीएम, दिल्ली ट्रांसको ने “पॉवर ट्रेडिंग और एनर्जी एक्सचेंज का कार्य” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि यदि आवश्यकता 1 मेगावॉट से अधिक हो, तो पॉवर की ट्रेडिंग/आयात किया जा सकता है। इस प्रकार सस्ती ऊर्जा प्राप्त करने की संभावना बनती है। उन्होंने रीयल टाइम डेटा के साथ पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशनों का प्रदर्शन भी किया और समझाया कि पॉवर की दरें आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) के अनुसार बदलती हैं।
इसके बाद प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा श्री अंकुर, डिज़ाइन एवं टेक्निकल हेड, एससी इनोवेटर्स का सत्र आयोजित किया गया। “डिज़ाइन–मैन्युफैक्चरिंग सिनर्जी और सीएनसी मशीनिंग” विषय पर उन्होंने छात्रों को इंटरैक्टिव ढंग से जोड़ा। उन्होंने सॉफ्टवेयर पर लाइव डेमो और उसके परिणाम दिखाए, जिससे छात्रों को आधुनिक उत्पादन प्रक्रिया में डिज़ाइन की भूमिका को समझने का अवसर मिला।
अंत में, सेंटर फॉर मैनेजमेंट एंड ह्यूमैनिटीज द्वारा डॉ. पारिक्षित बंसल, फाउंडिंग पार्टनर, बंसल आईपी एसोसिएट्स, चंडीगढ़ का सत्र आयोजित किया गया। “बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights)” विषय पर बोलते हुए उन्होंने समझाया कि आईपीआर का अर्थ है “मन की वह रचना जिसे खरीदा या बेचा जा सकता है।” उन्होंने उत्पादों, लिखित सामग्री और नवाचारों के उदाहरण देते हुए इसके तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया।
दूसरे दिन के इन सत्रों ने छात्रों को तकनीकी ज्ञान, औद्योगिक प्रक्रियाओं और कानूनी पहलुओं का समन्वय प्रदान किया, जिससे पेक का उद्योग और अकादमिक के बीच सेतु बनाने का उद्देश्य और मजबूत हुआ।
पेक के इंडस्ट्री–अकादमिक एक्सपर्ट लेक्चर वीक के दूसरे दिन पॉवर ट्रेडिंग, सीएनसी मशीनिंग और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स पर हुई चर्चाएँ
