नई दिल्ली, 19 सितंबर- अमेरिका की एक अदालत ने खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में भारत सरकार और उसके अधिकारियों को समन जारी किया है। इसकी भारत सरकार ने कड़ी निंदा की है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे 'अनुचित और आधारहीन आरोप' बताया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इससे आतंकवाद के खिलाफ भारत के विचार नहीं बदलेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले पत्रकारों से बात करते हुए विदेश सचिव ने कहा कि वह आपका ध्यान उस व्यक्ति पन्नू की ओर आकर्षित करना चाहते हैं जो एक अवैध संगठन चलाता है और यूएपीए के तहत प्रतिबंधित है। बता दें कि पन्नू के पास अमेरिकी और कनाडाई नागरिकता है और भारत ने उसे आतंकवादी घोषित कर रखा है.