करनाल 7 जुलाई:- नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने मंगलवार सायं भवन शाखा की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर शाखा की कार्यप्रणाली, राजस्व वसूली तथा लंबित मामलों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में संयुक्त आयुक्त दलजीत सिंह, उप निगमायुक्त विनोद नेहरा, सहायक नगर योजनाकार प्रवेश कौशिक, भवन निरीक्षक दलबीर सिंह सहित भवन शाखा के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आयुक्त ने शाखा में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उनके दायित्वों तथा वर्तमान में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भवन शाखा की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह तथा समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विकास शुल्क की वसूली बढ़ाने पर दिया विशेष जोर।
उन्होंने विकास शुल्क की वसूली को निगम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए अधिकारियों को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में नियमित की गई सभी कॉलोनियों से नियमानुसार विकास शुल्क की वसूली सुनिश्चित की जाए, क्योंकि नगर निगम द्वारा इन क्षेत्रों में नियमित रूप से सडक़, नाली, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बैठक में उप निगमायुक्त विनोद नेहरा ने जानकारी दी कि नगर निगम द्वारा अब तक विकास शुल्क के रूप में 5 करोड़ 31 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है।
उन्होंने विकास शुल्क की वसूली को गति देने के लिए शहर में मुनादी कराने, वार्ड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने, नियमित कॉलोनियों के संपत्ति स्वामियों को नोटिस जारी करने तथा मोबाइल संदेश (एसएमएस) के माध्यम से भी विकास शुल्क जमा कराने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।
राइट टू सर्विस एक्ट के तहत तय समय में निपटें सभी फाइलें।
बैठक में आयुक्त ने भवन शाखा में फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी फाइलों की मूवमेंट में तेजी लाई जाए तथा प्रत्येक फाईल का निस्तारण राइट टू सर्विस एक्ट के तहत निर्धारित समय सीमा में ही किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन अथवा फाइल में कोई कमी है तो संबंधित आवेदक को लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि वह समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सके। किसी भी फाइल को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
चेकलिस्ट के आधार पर होगी कार्यवाही, पारदर्शिता पर रहेगा विशेष फोकस।
उन्होंने भवन शाखा के कार्यों के लिए विस्तृत चेकलिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित मानकों एवं चेकलिस्ट के अनुरूप ही कार्य करें, जिससे कार्यप्रणाली में एकरूपता और पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता केवल होनी ही नहीं चाहिए, बल्कि वह स्पष्ट रूप से दिखाई भी देनी चाहिए।
अनाधिकृत निर्माण रोकने के लिए बनेगी नई एन्फोर्समेंट टीम।
निगमायुक्त ने शहर में अनाधिकृत निर्माण एवं अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नई एन्फोर्समेंट टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह टीम नियमित रूप से शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी तथा जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
             उन्होंने अधिकारियों को एन्फोर्समेंट की विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि शहर में निरंतर निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके। इसके अतिरिक्त अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर भी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।