नवांशहर, 7 नवंबर (गुरबख्श सिंह मेहे):- जिला शहीद भगत सिंह नगर में विकास के रास्ते में बाधा बने अवैध कब्जों ने गलियों-मोहल्लों से लेकर सड़कों तक को नहीं बख्शा है। ये कब्जे विकास के शरीर पर कैंसर के नासूर की तरह स्थायी रूप धारण कर चुके हैं। सरकारी संपत्ति को लावारिस समझकर उस पर कब्जा कर लिया जाता है। इसके लिए केवल कब्जा करने वाला व्यक्ति ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि वे कर्मचारी और अधिकारी भी जिम्मेदार हैं, जो जानबूझकर आंखें मूंद लेते हैं। सार्वजनिक पार्कों, खेल के मैदानों, पंचायत की जमीनों और नगर परिषदों की संपत्तियों पर भी प्रभावशाली लोग कब्जा कर लेते हैं। यहां तक कि धार्मिक स्थलों की आड़ में भी अवैध कब्जे किए जाने की चर्चाएं हैं। खनन माफिया भी बोली के माध्यम से कम क्षेत्रफल लेता है, लेकिन अधिक क्षेत्र में खनन करता है। यह अवैध कब्जों का एक नया रूप है।
नवांशहर शहर के कई बाजारों में दुकानदारों ने अपनी दुकानों का सामान बाहर निकालकर सड़कों तक फैला रखा है। दुकानों के बोर्ड भी सड़कों की शोभा बने हुए हैं। शहरी क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध कब्जों और दुकानों के सामने बनाए गए लंबे-लंबे चबूतरों के कारण यातायात की समस्या लगातार बनी हुई है, जबकि अवैध कब्जे हटाने के मामले में नगर परिषद नवांशहर ने लगातार चुप्पी साध रखी है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय बाद नगर परिषद और काफी समय पहले जिला प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे हटाने के लिए केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती रही है। सामान उठाने वाली ट्रॉली और ट्रैक्टर के बाजार से गुजरने से पहले ही दुकानदार दोबारा अपनी दुकानों के बाहर सामान रख देते हैं।
नवांशहर के प्रमुख मार्गों चंडीगढ़ रोड, बंगा रोड, राहों रोड, रेलवे रोड और गढ़शंकर रोड पर दुकानों के बाहर सजाकर रखा गया सामान अक्सर यातायात नियमों को लागू करने में बाधा बनता है। इतना ही नहीं, कुछ प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों के मालिक अपनी दुकानों के बाहर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगवाकर मानो यह साबित करते हैं कि इतनी जगह तो उनकी ही है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इसके अलावा कोठी रोड, गीता भवन रोड और सुनियारा बाजार में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर लंबे-लंबे चबूतरे बना रखे हैं। बरसात के दिनों में नालियां बंद होने के कारण इन बाजारों की सड़कों पर नहर की तरह पानी बहने लगता है और राहगीरों का वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। इन समस्याओं को लेकर नगर परिषद नवांशहर और जिला प्रशासन पूरी तरह उदासीन नजर आ रहे हैं। लंबे समय तक नगर परिषद अध्यक्ष का पद खाली रहने के कारण भी यह समस्या गंभीर बनी हुई थी, लेकिन अब इस पद पर नियुक्ति होने के बावजूद कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा रहा। कुछ नामी दुकानदारों की दुकानों के सामने खड़े वाहन भी यातायात व्यवस्था में बाधा डालते हैं, लेकिन उनकी ओर यातायात पुलिस का ध्यान नहीं जाता।
इस संबंध में एडीसी अवनीत कौर से फोन पर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
