होशियारपुर - प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। पर्यावरण को स्वच्छ रखना एक बड़ी चुनौती है। विश्व में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण की चिंता के चलते सिविल सर्जन डॉ. बलविंदर कुमार दमाना ने सिविल सर्जन कार्यालय में पौधारोपण कर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। इस अवसर पर उनके साथ सहायक सिविल सर्जन डॉ. कमलेश कुमारी, जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अनीता कटारिया, जिला डेंटल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैला कंवर, जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. जगदीप सिंह, डिप्टी मास मीडिया अधिकारी रमनदीप कौर, जिला बीसीसी समन्वयक अमनदीप सिंह, स्वास्थ्य निरीक्षक तरसेम सिंह, फार्मेसी अधिकारी अजय कुमार, कृष्ण कुमार व मोनिका रानी मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉ. दमाना ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रकृति खतरे में है। प्रकृति वह सब कुछ प्रदान करती है जो किसी भी जीवित प्राणी को जीने के लिए आवश्यक है। ऐसे में अगर प्रकृति प्रभावित होगी तो जनजीवन भी प्रभावित होगा. विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से की गई थी। हर साल विश्व पर्यावरण दिवस एक थीम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस "भूमि पुनर्स्थापन, मरुस्थलीकरण और सूखा निवारण" विषय पर मनाया जा रहा है। बीमारियों से बचाव के लिए पर्यावरण की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इसमें आगे आएं और अपने आसपास पौधे लगाना तथा स्वच्छता बनाए रखना अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें। डॉ. जगदीप सिंह ने कहा कि पृथ्वी के साथ-साथ खुद को बचाने के लिए पर्यावरण की रक्षा करना जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने की बहुत आवश्यकता है।
हमें यह समझने की जरूरत है कि स्वस्थ एवं स्वच्छ पर्यावरण मानव जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक संसाधनों का दोहन रोकना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी स्वच्छ हवा में सांस ले सकें। डिप्टी मास मीडिया अधिकारी रमनदीप कौर ने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाएं। जरूरी नहीं कि पेड़ सिर्फ जमीन पर ही लगाए जाएं, आप आस-पास के गमलों में भी पेड़ लगा सकते हैं और घर के साथ-साथ पर्यावरण को भी हरा-भरा रख सकते हैं। स्वास्थ्य निरीक्षक तरसेम सिंह ने कहा कि प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है। प्रकृति की सुरक्षा मानवता की सुरक्षा है जिसमें सभी का एक-एक पौधे का योगदान भविष्य में बड़े बदलाव का कारण बनेगा।
प्रकृति प्रभावित होगी तो जन-जीवन भी प्रभावित होगा, इसलिए पर्यावरण की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : डॉ. दमाना
