फतेहाबाद, 13 सितंबर:- राजभाषा हिन्दी को बढ़ावा देने, उसके महत्व और उपयोगिता को समझाने, पावर ग्रिड के कर्मचारियों व आम आदमियों की हिन्दी के प्रति रुचि जगाने के उद्देश्य से पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, उपकेन्द्र फतेहाबाद द्वारा हिन्दी दिवस व हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर पावर ग्रिड के विश्राम गृह में काव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। वरिष्ठ उप महाप्रबंधक जितेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर वरिष्ठ साहित्यकार व यायावर छायाकार डॉ. ओमप्रकाश कादयान शामिल हुए। पावर ग्रिड के अभियंता सुधाकर रावत ने कार्यक्रम का संचालन किया।
फतेहाबाद के जाने-माने कवि एवं वैदिक प्रवक्ता डॉ. सुदामा शास्त्री, वरिष्ठ लेखिका डॉ. सुमन कादयान, कवयित्री सुमनलता ‘सुमन’ ने अपनी कविताओं से वाह-वाही लूटी। इनके साथ-साथ रश्मि अरोड़ा, पावर ग्रिड के प्रबंधक रमन कुमार, कनिष्ठ अभियंता चन्द्र किरण, पंकज सहाय, अमर सिंह, आयुष कुमार, सूर्यांश ने जहां अपनी बात रखी वहीं कविताओं से माहौल हिन्दीमय बना दिया।
इस प्रेरणादायक व मनोरंजक कार्यक्रम में शहर की कवयित्री सुमनलता ‘सुमन’ ने कई जगह हो रही हिन्दी की उपेक्षा पर अपनी कविता सुनाई। उन्होंने कहा, ‘हिन्दी अपनी भाषा प्यारी, दर-दर ठोकर खा-खा हारी, इंग्लिश अपना रौब जमाए, बेबस हिन्दी किसे बताए।’ दूसरी कविता ‘चाह कर भी सो नहीं अब पा रहा है आदमी’ के माध्यम से पैसे के पीछे दौड़ते मनुष्य की मनोवैज्ञानिक स्थिति का चित्रण किया।
डॉ. सुदामा शास्त्री ने हिन्दी के महत्व का गुणगान कुछ इस तरह से किया, ‘ज्ञान-विज्ञान, सुजान हिन्दी, सारे जहाँ में महान हिन्दी, हिन्दुस्तान की पहचान, मेरा दिल मेरा ईमान है हिन्दी। इसके साथ ही डॉ. सुदामा ने पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई। शिक्षाविद् व साहित्यकार डॉ. सुमन कादयान ने अपनी कविताओं में हिन्दी का सम्मान करने, हिन्दी में कामकाज करने की सलाह दी। वहीं हम पर हावी होते पैसे के बारे में कहा, ‘मस्त जीवन को खा गया पैसा, ख्वाबों पर भी छा गया पैसा, प्रकृति को भुला गया पैसा, बच्चों की मासूमियत खा गया पैसा।’
कवयित्री रश्मि अरोड़ा ने अपनी कविता के माध्यम से हमारे जीवन व देश के विकास में हिन्दी की भूमिका का सुन्दर चित्रण किया। सुधाकर रावत ने भी खूब रंग जमाया। वरिष्ठ उपमहाप्रबन्धक जितेन्द्र कुमार ने कहा कि हमें अपनी राजभाषा हिन्दी पर गर्व करना चाहिए। हम बोलने, लिखने, पढऩे में हिन्दी का प्रयोग कर देश व समाज को प्रगति की राह पर ले जा सकते हैं। भारत में जो अनुकरणीय विकास किया है उसमें हिन्दी की अहम भूमिका है।
वरिष्ठ साहित्यकार व मुख्य अतिथि डॉ. ओमप्रकाश कादयान ने कहा कि देश के विकास में हिन्दी की पत्र-पत्रिकाओं, श्रेष्ठ साहित्य, साहित्यकार, दूरदर्शन, आकाशवाणी केन्द्रों तथा हिन्दी सिनेमा का खासा योगदान है। उन्होंने कहा कि हमें सभी भाषाओं का सम्मान करते हुए हिन्दी को सर्वोपरि रखना चाहिए। साहित्यकारों को डॉ. कादयान ने सलाह दी कि वे अपने साहित्य में सरल हिन्दी का प्रयोग करें। इससे हिन्दी की लोकप्रियता बढ़ेगी। अन्त में जितेन्द्र कुमार ने पावर ग्रिड की ओर से आमंत्रितों को सम्मानित किया।
