होशियारपुर:- आम आदमी पार्टी  सरकार  के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों में बच्चों  की ड्रॉप आउट  दर में चौकाने     वाली  स्थिति ने सरकार  की कारगुज़ारी  को कटघरे   में ला खड़ा किया है । शिक्षा के केजरीवाल वाले दिल्ली मॉडल को  आदर्श  बताते हुए आम आदमी पार्टी ने पंजाब  में वोटें  लेने के लिए  बहुत प्रचार  किया था।पंजाब  में भी स्कूल  ऑफ एमिनेंस  आदि के नाम पर स्कूल की इमारतो को रंग- रोगन पोतकर अच्छी  शिक्षा  देने का ढ़ोग रचा गया । 
 पंजाब में शिक्षा  क्रांति के नाम पर बहुत से परपंच देखने  को मिले परंतु एक प्रतिष्ठ  पत्रिका रिपोर्ट के अनुसार पिछले  कुछ  सालो में 6 लाख से अधिक बच्चों  के नामो  की गिरावट देखी  गई है । सरकारी स्कूल में बिना कुछ करवाए आप नेताओ  ने वहां  नींव पत्थर तो बहुत से जड़ दिए परंतु स्कूलों में अध्यापकों  की भारी कमी जो कि 50 %से भी अधिक है  उसको सरकार पूरा नहीं कर पाई। 
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चो की गिनती की गिरावट का मुख्य कारण  प्राइवेट स्कूलों के मुकावले में निचले  स्तर की  कार्यप्रणाली है। जो कि अत्यंत चिंता का विषय है। गरीब परिवारो  के लिए बच्चों को अच्छे स्तर की शिक्षा देने के लिए अब प्राइवेट  स्कूलों में  भेजना पड़ रहा है  जो कि अत्यंत चिंतनीय है।