हांसी:- उपायुक्त राहुल नरवाल के मार्गदर्शन में टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से मेहंदा गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन हुआ। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर परिसर में ‘100 दिवसीय सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान’ के तहत आयोजित इस विशेष निक्षय शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
एसएमओ डॉ राहुल बुद्धि राजा ने बताया कि आयोजित शिविर में कुल 69 मरीजों की ओपीडी जांच की गई। जांच के दौरान टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए जाने वाले मरीजों की पहचान कर उनकी आवश्यक चिकित्सीय जांच मौके पर ही सुनिश्चित की गई। टीबी की शीघ्र एवं सटीक पहचान के लिए 53 मरीजों के एक्स-रे किए गए, जबकि 16 मरीजों के बलगम के नमूने लेकर सीबीनॉट जांच के लिए भेजे गए हैं।
डॉ राहुल बुद्धि राजा ने आगे बताया कि ‘100 दिवसीय सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान’ का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव पहुंचकर टीबी के छिपे हुए मरीजों की पहचान करना तथा उन्हें समय पर निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को मुफ्त दवाइयां, जांच एवं पोषण सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकें।
उन्होंने बताया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता और समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर संभावित मरीजों की पहचान सुनिश्चित करें, ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को समय पर हासिल किया जा सके।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना या कमजोरी महसूस हो रही है, तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तुरंत जांच करवाएं। टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और समय पर उपचार शुरू होने से मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकता है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ता, एएनएम तथा स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
क्षय रोगी खोज अभियान के तहत डीसी राहुल नरवाल के मार्गदर्शन में मेंहदा गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित
