रतिया, 23 जनवरी:- सरस्वती महोत्सव 2026 के शुभ अवसर पर शहीद दविन्द्र सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में ज्ञान, संस्कृति और सृजनात्मकता को समर्पित विविध शैक्षणिक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के विधिवत पूजन से हुआ, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य परमजीत संधा, संयोजक प्रो सुरेन्द्र शर्मा, प्राध्यापकगण एवं छात्राओं ने सहभागिता की। 
इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी, भाषण एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य छात्राओं में ज्ञानार्जन, तार्किक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल तथा रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करना रहा। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में छात्राओं ने मां सरस्वती के महत्व पर अपनी उत्कृष्ट समझ का परिचय दिया, जबकि भाषण एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में विचारों की स्पष्टता, भाषा की शुद्धता और मौलिकता विशेष रूप से देखने को मिली। 
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुनीता वर्तीया बीए द्वितीय वर्ष ने प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान एकता रानी बीए अंतिम वर्ष ने द्वितीय वर्ष व तृतीय स्थान कमलजीत एमए हिन्दी अंतिम वर्ष, भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान एकता रानी बीए अंतिम वर्ष, द्वितीय स्थान स्वीना बीकॉम अंतिम वर्ष व तृतीय स्थान चांतो एमए हिन्दी अंतिम वर्ष एंव निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान निर्मल देवी एमए हिन्दी अंतिम वर्ष, द्वितीय स्थान प्रदीप रानी एमए हिन्दी अंतिम वर्ष व तृतीय स्थान गुरप्रीत कौर बीए अंतिम वर्ष ने प्राप्त किया।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य श्री परमजीत संधा ने अपने संबोधन में सरस्वती महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ सरस्वती ज्ञान, विवेक और संस्कारों की प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से छात्राओं में बौद्धिक विकास के साथ-साथ आत्मविश्वास का निर्माण होता है। संयोजक प्रो. सुरेन्द्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती महोत्सव का उद्देश्य छात्राओं को अध्ययन, चिंतन और सृजन के प्रति प्रेरित करना है।
 ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के अंत में सफल प्रतिभागियों की सराहना की गई तथा महाविद्यालय परिवार द्वारा इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर डॉ सैन कुमार, डॉ स्वाति, प्रो बिन्दु, मुक्ता शर्मा व छात्राएँ उपस्थित रही।