नवांशहर, 7 जनवरी- आज सरकारी अध्यापक संघ ब्लॉक औड की वर्चुअल मीटिंग जिला प्रधान बिक्रमजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें विभाग द्वारा मिड-डे मील में शामिल किए गए देसी घी के हलवे पर चर्चा की गई। इस अवसर पर बोलते हुए सरकारी अध्यापक संघ के जिला महासचिव गुरदीश सिंह ने कहा कि बच्चों को देसी घी का हलवा देना, वह भी मौजूदा कुकिंग कास्ट से, विभाग का मनमाना आदेश है। जिसे पूरा करना बहुत मुश्किल है।
देसी घी का रेट 550 रुपये से अधिक है और इसमें चीनी, सूजी और कुछ फल भी डालने पड़ते हैं जो बहुत महंगे हैं। हर 100 बच्चों पर एक किलो से अधिक घी की खपत होती है। इसके साथ ही खाना भी देना पड़ता है। कुछ स्कूलों में एल.के.जी. और यू.के.जी. दोनों कक्षाओं के बच्चे, जिनके लिए कोई पैसा नहीं मिलता, वे भी खाना खाते हैं। जिसके कारण खर्च और भी बढ़ जाता है। इसके अलावा मंगलवार को एक ही समय चावल व खीर देने को कहा गया है, जो कि तर्कसंगत नहीं है।
अध्यापकों ने कहा कि विभाग को देसी घी के हलवे के लिए अलग से ग्रांट जारी करनी चाहिए। इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए सरकारी अध्यापक संघ पंजाब के पूर्व महासचिव कुलदीप सिंह धरका ने कहा कि मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार नई शिक्षा नीति 2020 को तेजी से लागू कर रही है और वह विभाग का आकार छोटा करने के लिए बहुत आतुर है। जिसके तहत सरकार मिडिल स्कूलों को बंद करना चाहती है और अन्य स्कूलों की संख्या भी आधी करना चाहती है।
दफ्तरी कर्मचारी, मिड-डे मील दफ्तरी कर्मचारी, विशेष बच्चों के अध्यापक और कई अन्य अध्यापक लगातार संघर्ष कर रहे हैं। सरकार अध्यापक वर्ग की कोई सुनवाई नहीं कर रही है। सरकारी अध्यापक संघ हमेशा संघर्षरत अध्यापकों के साथ खड़ा है। यह सरकार पूरी तरह से अध्यापकों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। अध्यापक वर्ग इसका कड़ा विरोध करता है और सरकार के जनविरोधी कदमों को कभी पूरा नहीं होने देगा।
आम आदमी पार्टी पंजाब में अपने किए वादों पर सत्ता में आई थी, अब उन्हीं वादों से मुकर रही है। अध्यापक वर्ग इसके खिलाफ तीखा संघर्ष करेगा। इस अवसर पर बोलते हुए जीटीयू के जिला अध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि आने वाले समय में सरकार को अध्यापकों के भयंकर गुस्से का सामना करना पड़ेगा, चाहे वह पुरानी पेंशन बहाल करने का मुद्दा हो या कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का या फिर स्कूल बंद करने का।
इस अवसर पर अन्य के अलावा मनजिंदरजीत सिंह, हरजीत सिंह, अकुल गर्ग, राज कुमार, मनमोहन सिंह चड्ढा, रेशम लाल, इकबाल सिंह, उषा रानी, विनीता रानी, जीत कुमारी, लक्षिक, जसविंदर कौर, जसवीर कौर, रमनदीप कौर बाजवा, नीरू थापर, अंबिका जोशी, रिशु आदि मौजूद थे।
*सरकारी अध्यापक संघ ने मिड-डे मील में देसी घी के हलवे के लिए अलग से ग्रांट की मांग की*
