नवांशहर/राहों- राष्ट्रीय मज़दूर संगठन (एनएलओ) के संयोजक बलदेव भारती ने कहा कि मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में सड़क के बर्म, नहर, पुलिया, तालाब और भूमि समतलीकरण के अलावा अन्य अकुशल कार्य भी बंद कर दिए गए हैं। जिससे मनरेगा मज़दूरों और कर्मचारियों के रोज़गार के अवसर खत्म हो रहे हैं। ऐसे बड़े कामों को रोककर केंद्र और राज्य सरकारें मनरेगा को ख़त्म करने जा रही हैं। 
यह सिलसिला लगभग 7 महीनों से चल रहा है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे मनरेगा मज़दूरों, मेहतरों, ग्राम रोज़गार सहायकों, तकनीकी सहायकों और सहायक कार्यक्रम अधिकारियों जैसे विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। मनरेगा मज़दूरों और मनरेगा कर्मचारियों का वेतन महीनों से रुका हुआ है, जिससे उनकी स्थिति बेहद ख़राब हो गई है। 
एनएलओ संयोजक बलदेव भारती ने भी कहा कि सरकारें मनरेगा को सही ढंग से लागू करने के बजाय इसे खत्म करने की नीयत और नीति पर चल रही हैं और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि मनरेगा को सही ढंग से लागू किया जाए और इसका बजट भी बढ़ाया जाए।