रतिया, 27 अक्टूबर (एडवोकेट गुरप्रीत सिंह मंदर):- आज किसान रेस्ट हाउस, रतिया में किसानों की बैठक हुई। बैठक के बाद किसानों ने एसडीएम रतिया को ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि से बर्बाद हुई धान की फसल की तुरंत गिरदावरी करवाने और उचित मुआवजा देने की मांग की।
जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि रतिया क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण किसानों की धान की पूरी फसल बर्बाद हो गई है, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद गिरदावरी शुरू नहीं हुई। इससे किसानों में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण किसान पहले ही परेशान हैं। धान खरीद पर प्रति एकड़ 28 क्विंटल की पाबंदी, पंजीकरण रद्द होने और दोबारा पंजीकरण करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अब फसल बर्बाद होने के बावजूद सरकार गिरदावरी में देरी कर रही है।
निर्भय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि कल तक गिरदावरी शुरू नहीं हुई, तो किसान भाजपा नेताओं के घरों का घेराव करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत नुकसान का आकलन करवाकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
**किसानों की प्रमुख मांगें:**
1. ओलावृष्टि से बर्बाद हुई धान की फसल की तुरंत गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए।
2. ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में धान खरीद के लिए नमी की सीमा 17% से बढ़ाकर 22% की जाए।
3. धान खरीद में 28 क्विंटल प्रति एकड़ की शर्त तुरंत हटाई जाए।
4. जिन किसानों का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनका पंजीकरण तत्काल बहाल किया जाए।
इस मौके पर किसान गुरप्रीत सिंह दादूपुर, तरसेम सिंह भुंदड़वास, सरदूल सिंह हुक्मवाली, कर्मजीत सिंह, मुद्री बोला सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
