नई दिल्ली:- भारतीय सशस्त्र बलों में जवानों की भर्ती के लिए संचालित 'अग्निपथ' योजना में बड़ा बदलाव करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने बुधवार को घोषणा की कि इसी साल दिसंबर में अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले सभी अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाई जाएगी।
सीडीएस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि मौजूदा नीति के अनुसार चार साल पहले अनुबंध के आधार पर भर्ती किए गए जवानों में से 25 प्रतिशत को सशस्त्र बलों में नियमित रूप से स्थायी तौर पर शामिल किया जाना था।
जनरल सुब्रमणि ने बताया कि आज घोषित बदलाव शेष 75 प्रतिशत जवानों पर लागू होंगे, जिन्हें दिसंबर में सेवा से बाहर होना था। इन जवानों को अब दो साल की दूसरी सेवा अवधि दी जाएगी। जनरल सुब्रमणि ने आगे कहा, "दो साल की यह अवधि पूरी होने के बाद इन सभी जवानों को दो शर्तों—उनकी अपनी इच्छा और शारीरिक योग्यता (फिजिकल फिटनेस)—के आधार पर नियमित सैनिक बनने का विकल्प दिया जाएगा। उनके प्रदर्शन और मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें सेना में स्थायी रूप से शामिल किया जाएगा।"
मौजूदा योजना के अनुसार अग्निवीरों को चार साल के अनुबंध पर भर्ती किया जाता है। सेवा अवधि में दो साल का यह विस्तार ऐसे समय में किया गया है, जब 31 दिसंबर तक 18,300 से अधिक जवान अपना चार साल का अनुबंध पूरा करके सेवा से बाहर होने वाले थे। सीडीएस ने कहा कि मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से शामिल करने का रास्ता तैयार किया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान अग्निवीरों का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है।
