होशियारपुर 16 मई- हमारे भवन की उत्तर और दक्षिण दिशाएं हमारे जीवन की हर बाधा को आसानी से दूर कर सकती हैं, ऐसा मानना है अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वास्तु विशेषज्ञ एवं लेखक डॉ. भूपेंद्र वास्तु शास्त्री का। पासपोर्ट और विदेश यात्रा का सीधा संबंध हमारे भवन की उत्तर और दक्षिण दिशाओं से है।
कभी-कभी तो उत्तर और दक्षिण दिशा के वास्तु दोष के कारण विदेश जाना तो दूर, पासपोर्ट भी नहीं बन पाता। यदि उत्तर और दक्षिण दिशाएं ऊंची, नीची, कटी हुई, फैली हुई हों, भूमिगत जल स्रोत हों, तहखाना हो, बंद हों या किसी अन्य कारण से प्रदूषित हों तो विदेश जाने का सपना कभी साकार नहीं हो पाएगा।
यदि पासपोर्ट बनवाने या विदेश जाने में किसी भी प्रकार की बाधा आ रही हो तो उत्तर व दक्षिण दिशा को दोष रहित बनाएं तथा अपना शयन कक्ष उत्तर व दक्षिण दिशा में स्थापित करें। यदि उत्तर-पश्चिम कोने के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व कोने का संबंध घूमने, खेलने, मौज-मस्ती से है, तो दक्षिण-पूर्व कोने को भी वास्तु दोषों से मुक्त रखें। यदि आपको किसी गुप्त तरीके से विदेश जाना हो या लम्बे समय तक विदेश में रहना हो तो ईशान कोण भी वास्तु के अनुसार होना चाहिए।
यदि उपरोक्त तीनों कोनों के साथ-साथ ईशान कोण भी प्रदूषित हो तो आपको विदेश जाने की कल्पना भी नहीं करनी चाहिए। यदि आप गलती से विदेश चले गए तो आपको विदेश में किसी गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले घर का वास्तु सुधारें और फिर विदेश जाएं।
पासपोर्ट बनवाने से लेकर विदेश जाने तक, उत्तर और दक्षिण दिशा का है सीधा संबंध- डॉ. भूपेंद्र वास्तु शास्त्री
