करनाल, 1 अक्तूबर:- कृषि  उप-निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया की जिला में अब तक पराली जलाने के मामले में चार किसानो पर एफ.आई.अर दर्ज करवाई जा चुकी है। इसी के साथ ही चारों किसानों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया है और उनके मेरी
फसल मेरा ब्योरा पोर्टल रिकॉर्ड में रेड एंट्री कर दी गयी है। जिससे ये किसान अगले दो सीजन अपनी फसल एम.एस.पी.पर नहीं बेच पाऐगे। उन्होंने बताया कि चारो किसान जिला के घरौंडा खंड से संबंधित है। किसान जसमेर निवासी गाँव कैमला पर गांव मलिकपुर के रकबा के खेतों में धान की पराली में आग लगाने पर एफ.आई.आर दर्ज की गई। 
किसान दिनेश कुमार ,सुरजीत निवासी फुरलक व विक्की पुत्र राजकुमार निवासी गाँव बीजना पर धान की पराली में आग लगाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत धारा 39 व भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस) 2023 के तहत धारा 223(ए) के तहत सम्बंधित थाना में एफ.आई.अर दर्ज करवाई गई है।
उन्होंने बताया कि प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए उपायुक्त द्वारा जिला स्तरीय, खंड तहसील स्तरीय व गाँव स्तरीय
कमेटी एनफोर्समेंट टीम का गठन किया गया है। इन टीमों में लगभग 750 अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो आगजनी की घटनाओं को रोकने के साथ साथ नियमानुसार कार्यवाही भी अमल में लाऐगे। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग पूरी तरह से सतर्क है।
डॉ.वजीर सिंह ने किसानों से अनुरोध किया की वे फसल अवशेषों में आगजनी की घटना को अंजाम न दे। कृषि यंत्रों की सहायता से पराली का उचित प्रबंधन करे व 1,200रु. प्रति किले की प्रोत्साहन राशि पाए। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है ।