चंडीगढ़:- यू.टी. के पूर्व शिक्षकों की जत्थेबंदी की मासिक मीटिंग सैनी भवन, सेक्टर 24 चंडीगढ़ में संस्था के प्रधान प्रिं. बहादुर सिंह गोशल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस मीटिंग में पूर्व यू.टी. के शिक्षकों को पेश आ रही मुश्किलों और लंबित मांगों पर बहुत गंभीर रूप से विचार-विमर्श किया गया।
प्रिं. बहादुर सिंह गोशल ने 1-1-2016 से पहले रिटायर हुए शिक्षकों के पे-रिवीजन के बकाया के बारे में विस्तार से बताया। इस विषय पर विचार रखने वालों में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर श्री शिव कुमार शर्मा, पूर्व डी.ई.ओ. श्री ब्रह्मजीत कालिया, पूर्व स्पोर्ट्स ऑफिसर जीत सिंह सोहल, पूर्व प्रिंसिपल श्री जगदीश कुमार जैसवाल, मैडम बिक्रमजीत कौर, मैडम हरबंस कौर और श्री ज्ञान चंद के नाम शामिल हैं। स. जीत सिंह सोहल ने यू.टी. के पूर्व शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तारपूर्वक बात करते हुए मांगों की जल्द पूर्ति के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को सचेत किया।
श्री ब्रह्मजीत कालिया, पूर्व डी.ई.ओ., ने इस बात पर अफसोस जताया कि कई सीनियर यू.टी. अफसरों की आज तक पे-फिक्सेशन भी नहीं हुई, जिससे समूह शिक्षकों में गुस्सा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की कि ऐसा कोई भी केस लंबित नहीं रहना चाहिए।
आज की मीटिंग की विशेषता यह रही कि यू.टी. के पूर्व शिक्षकों की जत्थेबंदी द्वारा प्रिं. बहादुर सिंह गोशल की नई बाल पुस्तक ''आओ बच्चो! कविताएं गाएं'' का सामूहिक रूप से लोकार्पण किया गया। मैडम बिक्रमजीत कौर ने किताब पर बोलते हुए, बहादुर सिंह गोशल द्वारा रचित पुस्तकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों और शिक्षकों को यह पुस्तक अधिक से अधिक संख्या में पढ़नी चाहिए ताकि बच्चों को शिक्षाप्रद भरपूर ज्ञान मिल सके। श्री शिव कुमार शर्मा, जगदीश जैसवाल और ज्ञान चंद जी ने नई पुस्तक के लिए प्रिं. बहादुर सिंह गोशल को बधाई दी।
यूटी के पूर्व शिक्षकों द्वारा बहादुर सिंह गोशल की नई बाल पुस्तक आओ बच्चो कविताएं गाएं का लोकार्पण किया गया
