चंडीगढ़, 16 अक्टूबर:- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश में मछली पालकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्हें उच्च गुणवत्ता वाला मछली बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उनकी मछलियों और झींगों की बिक्री के लिए अलग से मंडी की व्यवस्था भी की जाएगी।

श्री राणा आज मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री की घोषणाओं और बजट घोषणाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को इन्हें निर्धारित समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मत्स्य पालन विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, निदेशक पवन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के बाद जानकारी देते हुए मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की उस बजट घोषणा को लागू कर दिया गया है, जिसके तहत मछली पालन और झींगा पालन के लिए कृषि फीडरों से बिजली प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली देने की बात कही गई थी। इसके अतिरिक्त, गैर-कृषि फीडरों से जुड़े 20 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं को एफपीओ/कृषि उद्योग श्रेणी के तहत 4.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देना शुरू कर दिया गया है। इस श्रेणी में लोड की सीमा भी 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट कर दी गई है और बिजली की दर 6.60 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि मछली पालकों की मांग के अनुसार यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में नई मिट्टी एवं पानी की जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को मंजूरी दे दी है, जिस पर लगभग 6.04 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मार्च 2027 तक इन तीनों प्रयोगशालाओं के शुरू होने की संभावना है।

श्याम सिंह राणा ने आगे बताया कि ज्योतिसर और सांपला स्थित सरकारी मछली बीज फार्मों को सुदृढ़ और आधुनिक बनाया जा रहा है। इन पर लगभग 20.48 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन बीज फार्मों के बाद अन्य फार्मों को भी चरणबद्ध तरीके से सुदृढ़ और आधुनिक बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार और फरीदाबाद जिलों में कुल 100 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक मछली मंडियां स्थापित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन्हें मंजूरी दे दी है। जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके काम शुरू कर दिया जाएगा। इसी योजना के तहत करनाल में 50 करोड़ रुपये की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की दिशा में भी काम शुरू हो गया है। इसका काम दिसंबर 2028 तक पूरा हो जाएगा।

श्याम सिंह राणा ने पिछले वित्त वर्ष की लंबित घोषणाओं की स्थिति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को बकाया घोषणाएं जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।