हरोली/ऊना, 11 मई (राजवीर चोपड़ा):- तप अस्थान श्री खुरालगढ़ साहिब के सेवादार सरदार सुरजीत सिंह नंगल निवासी लुधियाना, जो कुछ दिन पूर्व अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर अकाल पुरख के चरणों में जा विराजे थे, उनकी अंतिम अरदास गुरुद्वारा श्री सुखमनी साहिब, अर्बन एस्टेट लुधियाना में श्रद्धा एवं सत्कार के साथ संपन्न हुई।
इस अवसर पर तप अस्थान श्री खुरालगढ़ साहिब के मुख्य सेवादार बाबा केवल सिंह जी के जत्थे द्वारा विरागमयी कीर्तन के माध्यम से संगत को गुरबाणी से जोड़ा गया। बाबा केवल सिंह जी ने कहा कि सरदार सुरजीत सिंह जी के निधन से जहां परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है, वहीं तप अस्थान श्री खुरालगढ़ साहिब की प्रबंधक कमेटी को भी कभी न पूरी होने वाली क्षति पहुंची है।
उन्होंने कहा कि सुरजीत सिंह जी गुरमुख प्रवृत्ति के मालिक, बाणी के धारणकर्ता तथा अत्यंत विनम्र स्वभाव के इंसान थे। वे एक विद्वान व्यक्तित्व एवं अपने आप में चलती-फिरती संस्था थे। उनका अचानक संसार से चले जाना अत्यंत दुखद है।
मंच संचालन उनके परम मित्र प्रेम सिंह लील ने किया। इस दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक पढ़ा-लिखा एवं विवेकशील व्यक्ति हमें सदा के लिए छोड़ गया है। उन्होंने कहा कि अपने परम मित्र को भुला पाना बेहद कठिन है और आज भी ऐसा महसूस होता है मानो सुरजीत सिंह हर समय उनके साथ ही हों।
इस अवसर पर सरदार बिकर सिंह नत्त द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
समागम में बाबा केवल सिंह श्री खुरालगढ़ साहिब वाले, भाई बलजिंदर सिंह भरोली, भाई दीपक सिंह हियाला, चंदन सिंह, सरदार महिंगा सिंह, बिकर सिंह नत्त, मास्टर मेला सिंह, प्रेम सिंह लील, डॉ. रुपिंदर सिंह सुधार, सरदार बुढेल सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।