रतिया /जाखल,19 जनवरी- पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धान्त जैन आईपीएस के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस द्वारा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज थाना जाखल परिसर में एक विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को बाल विवाह निषेध कानून के प्रति सचेत करना और उन्हें इस लड़ाई में भागीदार बनाना रहा।
*प्रमुख हितधारकों की भागीदारी*
कार्यक्रम में जाखल क्षेत्र के होटल मालिकों, मैरिज पैलेस संचालकों, कैटरिंग सेवा प्रदाताओं, प्रिंटिंग प्रेस (कार्ड छापने वाले) संचालकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सरपंचों एवं नगर परिषद (MC) सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
*कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा*
विशेष तौर पर आमंत्रित बाल विवाह अधिकारी फतेहाबाद, श्रीमती रेखा अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह निषेध अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
बाल विवाह न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह बच्चों के मानवाधिकारों का उल्लंघन भी है।
बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, रिश्तेदार, पंडित/पुरोहित और शादी में सेवाएं देने वाले (टेंट, कैटरिंग, बैंड) सभी कानूनन अपराधी माने जाते हैं।
दोषी पाए जाने पर कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
*प्रशासन की अपील*
थाना जाखल के प्रभारी उप निरीक्षक श्री सुरेश कुमार ने स्थानीय व्यवसायियों से अपील की कि वे बुकिंग के समय वर-वधू के आयु संबंधी दस्तावेजों (जैसे आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र) की जांच अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा, "पुलिस और जनता के सहयोग से ही हम जिले को बाल विवाह मुक्त बना सकते हैं। किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें।"
*सामाजिक संकल्प*
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और व्यवसायियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे न तो अपने क्षेत्र में बाल विवाह होने देंगे और न ही ऐसे किसी आयोजन का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
फतेहाबाद पुलिस की बाल विवाह के विरुद्ध बड़ी मुहिम जाखल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
