अंबाला, 17 अक्टूबर (आर. सिंह):- सरकार द्वारा धान की खरीद पर 26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा निर्धारित करने के विरोध में आज किसानों ने भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के बैनर तले अंबाला शहर की अनाज मंडी के बाहर हिसार रोड जाम कर दिया और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

किसानों का कहना था कि इस बार फसल अच्छी हुई है, लेकिन सरकार ने 26 क्विंटल प्रति एकड़ खरीद की सीमा लगाकर किसानों का गला घोंटने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आवेदन दिए थे और 10 तथा 11 अक्टूबर को सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी हुई थीं, लेकिन उन्हें आश्वासनों के अलावा कोई जवाब नहीं मिला। किसानों को आशंका थी कि शायद प्रतिनिधियों के पास निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। उनकी मांग है कि धान की खरीद 35 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से की जाए और अनावश्यक कटौती बंद की जाए।

सुबह सबसे पहले किसान शहर की अनाज मंडी में एकत्र हुए और अधिकारियों के साथ बातचीत की। जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने हिसार हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने पहले अपनी मांगों के समाधान के लिए प्रशासन को 15 और 16 अक्टूबर तक का समय दिया था और 17 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया था। किसानों का कहना था कि सरकार केवल आश्वासन दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आढ़ती और शेलर संचालक किसानों का शोषण करने का मौका तलाश रहे हैं और 2,461 रुपये के बजाय 2,012 रुपये में धान खरीद रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने खरीद की सीमा नहीं हटाई तो उन्हें भारी नुकसान होगा। इसी लूट को रोकने के लिए यह धरना दिया गया। किसान नेता ने पोर्टल में भी कई गड़बड़ियों की बात कही। धरने के दौरान किसानों ने एक साथ बैठकर लंगर भी छका।

विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने किसानों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने कहा कि उन्होंने आज के प्रदर्शन के बारे में सरकार को पहले ही चेतावनी दे दी थी। उनका आरोप था कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण उन्हें अंबाला-हिसार सड़क जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

दोपहर करीब ढाई बजे किसानों और प्रशासन के बीच बैठक हुई। इसमें एसडीएम ने समस्या के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।