चंडीगढ़:- पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पंजाब सरकार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का रोका हुआ बकाया महंगाई भत्ता (डीए) 15 दिनों के अंदर जारी करने के दिए गए ऐतिहासिक आदेशों का स्वागत करते हुए बहुजन समाज पार्टी के सीनियर नेता डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को तीखे हाथों लिया है।
डॉ. करीमपुरी ने अदालत के इस फैसले का धन्यवाद करते हुए कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने राज्य के लाखों मुलाजिमों और पेंशनरों को बड़ी राहत दी है, जो अपने हकों के लिए लंबे समय से सड़कों पर धरने देने के लिए मजबूर थे। उन्होंने कहा कि डीए कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मेहनत का जायज हक है, जिसे रोक कर सरकार ने अन्याय किया है।
पंजाब सरकार की टालमटोल नीति पर बरसते हुए डॉ. करीमपुरी ने कहा, "बदलाव का नारा देकर सत्ता में आई सरकार आज हर वर्ग को धोखा दे रही है। खजाना खाली होने का बहाना बना कर कर्मचारियों का हक मारना और अदालती हुक्मों तक मामले को लटकाना सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
अगर सरकार के पास फिजूल इश्तेहारबाजी के लिए करोड़ों रुपये हैं, तो दिन-रात राज्य की सेवा करने वाले कर्मचारियों और बुजुर्ग पेंशनरों के हक देने के लिए पैसा क्यों नहीं?" उन्होंने 'पंजाब संभालो मुहिम' का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी पंजाब के हर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। 'पंजाब संभालो मुहिम' के तहत बहुजन समाज पार्टी कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनके हकों के लिए आवाज बुलंद करती रहेगी।
डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी ने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए मांग की कि हाईकोर्ट के हुक्मों का बिना किसी देरी के 15 दिनों के अंदर पालन किया जाए और मुलाजिमों व पेंशनरों का बकाया डीए तुरंत उनके खातों में जारी किया जाए। अगर सरकार ने अभी भी टालमटोल की नीति जारी रखी, तो बसपा मुलाजिमों के साथ मिल कर सरकार के विरुद्ध संघर्ष को और तेज करेगी।
