बहादुरगढ़:- पंथ रतन गुरचरण सिंह टोहरा इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन सिखइज्म, बहादुरगढ़ के प्रिंसिपल स. सुखदेव सिंह ने कहा कि गुरुओं, अवतारों और महापुरुषों ने सर्वत्त के भले (सभी के कल्याण), सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन और प्रकृति, भोजन व जल के संरक्षण के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए थे।
उन्होंने कहा कि हमें भी उनके मानवीय कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए आज की परिस्थितियों के अनुसार सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड, सीपीआर, फायर सेफ्टी और पीड़ितों की सहायता करने की ट्रेनिंग लेनी चाहिए ताकि संकट के समय कीमती जान-माल की रक्षा की जा सके। इस अवसर पर फर्स्ट एड, सेफ्टी व हेल्थ अवेयरनेस मिशन के चीफ ट्रेनर और रेड क्रॉस के सेवानिवृत्त ट्रेनिंग ऑफिसर श्री काका राम वर्मा ने बताया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने युवाओं में इंसानियत की भावना पैदा कर उन्हें 'संत-सिपाही' बनाया था।
उन्होंने युद्धों और आपदाओं के दौरान भाई कन्हैया जी के माध्यम से घायल सैनिकों और नागरिकों को जल और फर्स्ट एड की सेवा देकर जीवन बचाने का मिशन शुरू किया था, जिसे आज दुनिया भर में रेड क्रॉस संस्थाओं के रूप में अपनाकर छात्र और नागरिक पीड़ितों के मददगार बन रहे हैं।
काका राम वर्मा ने शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड, सीपीआर और फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दिलाएं। उन्होंने बढ़ती लू और तपिश के कारण लगने वाली आग की घटनाओं, और हैजा, डिहाइड्रेशन, सनस्ट्रोक, ब्रेन हैमरेज, दिल के दौरे, कार्डियक अरेस्ट व बेहोशी जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी।
उन्होंने आग के प्रकारों, फायर ट्रायंगल (ऑक्सीजन, गर्मी और ईंधन) को खत्म करने के तरीकों और सिलेंडरों के उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया। कार्यक्रम प्रभारी स. संदीप सिंह, अन्य शिक्षकों और छात्रों ने धन्यवाद देते हुए कहा कि चूंकि 90% से अधिक दुर्घटनाओं के समय तुरंत एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड उपलब्ध नहीं होती, इसलिए प्रशिक्षित युवा ही जान-माल के नुकसान को रोक सकते हैं।
इस संस्थान में विद्यार्थियों को वजीफा, हॉस्टल सुविधा और मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है। इस मौके पर युवाओं को निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के लिए तैयार करने हेतु श्री काका राम वर्मा को सम्मानित भी किया गया।
सभी की सुरक्षा सहायता सम्मान और समृद्धि के लिए तैयार होना जरूरी प्रिं सुखदेव सिंह
