रतिया, 23 अप्रैल:- शहीद दविन्द्र सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, रतिया में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर पंजाबी साहित्य सभा एवं निराला हिन्दी साहित्य परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में निबंध लेखन प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में पठन-पाठन के प्रति रुचि जागृत करना तथा पुस्तकों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कार्यकारी प्राचार्य सरबजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सच्ची मित्र होती हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि यह हमें सही दिशा और गहराई से सोचने की क्षमता प्रदान करती हैं।
 महाविद्यालय जन सम्पर्क अधिकारी प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय सामायिक विषय पर रखा गया।  निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. बलकार सिंह, डॉ. स्वाती सिंह व प्रो बिन्दु ने निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों के लेखन में अभिव्यक्ति, विषय-वस्तु की स्पष्टता एवं भाषा की शुद्धता के आधार पर मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में एम.ए. हिन्दी अंतिम वर्ष की छात्रा छांटो रानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. द्वितीय वर्ष की अर्शदीप कौर द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.कॉम प्रथम वर्ष की मोनिका रानी ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर  सम्मानित किया गया। 
कार्यक्रम के अंत में डॉ बलकार सिंह पंजाबी विभाग ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के आयोजन का संकल्प लिया। यह आयोजन छात्राओं के बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।