पटियाला 16-06-2025:- क्लास फोर गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन पंजाब (1680) जिला शाखा पटियाला द्वारा यूनियन कार्यालय राजपुरा कालोनी में सरकारी और अर्ध सरकारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और पेंशनरों द्वारा स्वर्गीय कामरेड सज्जन सिंह की चौथी पुण्यतिथि बड़ी श्रद्धा के साथ मनाई गई और नेताओं ने दिवंगत कर्मचारियों, मजदूरों और पेंशनरों के कोरोना काल में अपने विचारों के साथ दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर का नेतृत्व कामरेड दर्शन सिंह लुबाना ने किया।
इस अवसर पर प्रमुख नेता मौजूद थे। उनमें बलजिंदर सिंह, जगमोहन नोलखा, राम लाल रामा, गुरदर्शन सिंह, दीप चंद हंस, सूरजपाल यादव, ओंकार सिंह दमन, राजेश कुमार गोलू, मोधनाथ, बलजीत सिंह बल्ली, जसपाल सिंह, गौतम भारद्वाज, दया शंकर, लखवीर सिंह, प्रेम कुमार, राम कैलाश, तरलोचन सिंह मारू, सत्य नारायण (गोनी) आदि शामिल थे। इस अवसर पर यूनियन कार्यालय में पंजाब सरकार क्लास फोर्थ पेंशनर्स वेलफेयर होम स्थापित करने का फैसला किया गया।
कामरेड सज्जन सिंह की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए दर्शन सिंह लुबाना ने कहा कि उन्होंने 1966 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रेरित करके एक आंदोलन खड़ा किया क्योंकि उस समय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का मूल वेतन 30%35.50 था, अर्थात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की वार्षिक वेतन वृद्धि केवल 50 पैसे थी।
सज्जन सिंह के संघर्ष और 1972 में उनके द्वारा किए गए पहले आमरण अनशन के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्ञान जैन सिंह ने पंजाब सेवा सचिवालय पहुंचकर आमरण अनशन खुलवाया था। इस दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का वेतन 70%2%80%3%95 निर्धारित किया गया तथा वार्षिक वेतन वृद्धि 50 पैसे से बढ़ाकर 2 रुपए की गई।
इस दौरान आदि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 3 वर्ष बाद गर्म व ठंडी वर्दी उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान कामरेड स्वर्गीय मदन लाल दीदी ने अहम भूमिका निभाई तथा तत्कालीन वित्त मंत्री हंस राज शर्मा द्वारा अनेक घोषणाएं की गई। जिसमें दसवीं शैक्षणिक योग्यता वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए क्लर्क के रूप में पदोन्नति के लिए 10 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए।
सज्जन सिंह जी ने कर्मचारियों की मांगों के साथ वेतन आयोग की रिपोर्ट जारी करवाने के लिए चंडीगढ़ के बस स्टैंड पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के दौरान 1996 व 2009 में चौथा आमरण अनशन भी किया था। आमरण अनशन करने के बाद आज चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का वेतन निर्धारित हो पाया है। इसमें सज्जन सिंह, दर्शन सिंह लुबाना, रणजीत सिंह रणवां, सुखदेव सिंह सुरतापुरी व मोहन सिंह नेगी आदि नेताओं ने अहम भूमिका निभाई है।
सज्जन सिंह द्वारा की गई मांगों पर दर्शन सिंह लुबाना, रणजीत सिंह रणवां व अन्य राज्य, जिला, ब्लॉक, तहसील व विभागीय नेता दृढ़ता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हालांकि आज भी सरकार सहित विभिन्न तथाकथित संगठन असफल प्रयास कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि क्लास फोर पेंशनर वेलफेयर होम की स्थापना से सेवानिवृत्त क्लास फोर कर्मचारियों को अपने विचार साझा करने के लिए उपयुक्त स्थान मिलेगा।
दर्शन लुबाना ने कहा कि क्लास फोर दिवंगत नेता कामरेड सज्जन सिंह को समर्पित होगा। उन्होंने कहा कि क्लास फोर के अलावा विभिन्न श्रेणियों के पेंशनर्स भी इस होम में बैठकर बातचीत कर सकेंगे। इस अवसर पर पंजाब अधीनस्थ सेवाएं फेडरेशन (1680) जिला कमेटी का पुनर्गठन करने के बाद इसकी सूची जारी की गई।
जिसमें कामरेड जगमोहन सिंह नोलखा को जिला अध्यक्ष, कामरेड गुरदर्शन सिंह खुर्द को जिला चेयरमैन व कामरेड बलजिंदर सिंह, कामरेड सूरजपाल यादव को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई। करीब 51 पदाधिकारी जो सरकारी व अर्धसरकारी संस्थाओं से शामिल किए गए।
