पटियाला:- डेडिकेटेड ब्रदर्स ग्रुप (डीबीजी) द्वारा एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस वालंटियर्स और सिविल डिफेंस योद्धाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने फर्स्ट एड, सीपीआर, फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लेकर अपने साथियों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। डॉ. राकेश वर्मा (अध्यक्ष), हरप्रीत सिंह संधू (सचिव) और डॉ. रिशमा कोहली ने कहा कि चल रहे युद्धों और विनाशकारी परमाणु, एटमी व रासायनिक हथियारों का निर्माण मानवता के लिए भयानक तबाही ला सकता है।
उन्होंने कहा कि नफरत और बदले की भावना के चलते मानवता, पर्यावरण, भोजन और पानी को नष्ट करने वाले बमों और मिसाइलों के उत्पादन के लिए राष्ट्रीय धन और मानवाधिकारों का दुरुपयोग न किया जाए। इसके बजाय, ज्ञान और शक्तियों का उपयोग धरती मां को सुंदर, स्वच्छ और उपजाऊ बनाने के लिए किया जाना चाहिए।
डीबीजी द्वारा मानवता और पर्यावरण को बचाने वाले इन मददगार फरिश्तों को हर महीने सम्मानित किया जाता है और उन्हें आपदा प्रबंधन व फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस मौके पर आपदा प्रबंधन ट्रेनर काका राम वर्मा ने बताया कि कई देश अपने राष्ट्रीय धन और वैज्ञानिक शक्ति का इस्तेमाल दुनिया को तबाह करने वाले हथियारों के निर्माण में कर रहे हैं। इन बमों और मिसाइलों के कारण बेकसूर सैनिकों, नागरिकों, पशु-पक्षियों की मौत हो रही है और जंगल, नदियां व पहाड़ नष्ट हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी राष्ट्रीय धन और वैज्ञानिकों की मदद से लोगों को बेहतर सेहत, सुरक्षा, खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य दिया जा सकता था। अरबों-खरबों डॉलर खर्च कर बनाए गए ये परमाणु बम अंततः पृथ्वी की बर्बादी का कारण बनेंगे, जहां से किसी का भी बचना मुश्किल होगा।
