चंडीगढ़:- पंजाब से हिमाचल प्रदेश के पर्यटन केंद्र मनाली जाना आसान हो गया है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन मार्ग पर मंडी और कुल्लू के बीच पड़ने वाले पंडोह-टकोली सेक्शन में बनी दो नई सुरंगें डियोढ़ और हणोगी आज से आम वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी गई हैं।
यह जानकारी केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए बताया कि इन सुरंगों के शुरू होने से हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-03 की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आया है। इनके शुरू होने से पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली और देशभर से मनाली आने वाले लाखों पर्यटकों को ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड (पहाड़ खिसकने) की गंभीर समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

मंडी से कुल्लू का सफर 1 घंटे में होगा पूरा
इन दोनों सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू के बीच यात्रा का समय, जो पहले 2 घंटे होता था, अब घटकर महज 1 घंटा रह गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इन सुरंगों को आगामी सर्दियों के पर्यटन सीजन और कुल्लू दशहरे से ठीक पहले खोल दिया है। 2.8 किलोमीटर लंबी डियोढ़ सुरंग और 650 मीटर लंबी हणोगी सुरंग आपस में खोटीनाला के पास बने 140 मीटर लंबे और 45 मीटर ऊंचे पुल से जुड़ी हुई हैं।
 इन सुरंगों के चालू होने से पहले का 6 किलोमीटर का प्रभावित मार्ग अब केवल 3.5 किलोमीटर का रह जाएगा। इससे जोगनी माता मंदिर, डियोढ़ और हणोगी के पास लगने वाले घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से यात्रियों को पूरी तरह राहत मिल जाएगी।

साढ़े पांच किलोमीटर लंबे खतरनाक रास्ते से मिली निजात
इन नई सुरंगों के इस्तेमाल से वाहन अब लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे ऐसे क्षेत्र को बाईपास करके गुजर सकेंगे, जहां बारिश के दिनों में अक्सर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण हादसों का खतरा बना रहता था। संकरे और घुमावदार रास्ते से छुटकारा मिलने से मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। 
यह सुधार न केवल मनाली जाने वालों के लिए, बल्कि अटल टनल, रोहतांग दर्रा, मणिकरण, शिंकुला दर्रा, केलांग और लेह-लद्दाख जैसे दूरदराज के पर्यटन क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इन सुरंगों के अंदर सीसीटीवी कैमरे, वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट जैसे आधुनिक सुरक्षा प्रबंध उपलब्ध कराए गए हैं।