नवांशहर (देस राज बाली):- रेडक्रॉस नशा पीड़ितों के लिए एकीकृत पुनर्वास केंद्र, नवांशहर की ओर से ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत हंस राज आर्य हाई स्कूल, गढ़शंकर, जिला होशियारपुर में जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य अध्यापिका श्रीमती सीमा वालिया ने की।

इस अवसर पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर चमन सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति डॉक्टर की सलाह के बिना किसी दवा या अन्य नशीले पदार्थ का इस्तेमाल करता है, तो यह नशे के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी कई बार दूसरे लोगों के बहकावे या लालच में आकर अथवा जानकारी के अभाव में नशे का सेवन करने लगते हैं।

उन्होंने कहा कि कम उम्र में विद्यार्थी सिगरेट और बीड़ी से शुरुआत करके हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की दलदल में फंस जाते हैं, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। नशा और विद्यार्थी जीवन एक साथ नहीं चल सकते, इसलिए विद्यार्थियों का नशे से कोई संबंध नहीं होना चाहिए। नशा व्यक्ति को बर्बाद कर देता है और इसके सेवन से कभी कामयाबी नहीं मिलती।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन न करें। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए इसके प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। शिविर के दौरान ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।

मुख्य अध्यापिका श्रीमती सीमा वालिया ने रेडक्रॉस की टीम का धन्यवाद किया और विश्वास दिलाया कि स्कूल ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ तथा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम में पूरा सहयोग देगा और विद्यार्थियों को जागरूक करता रहेगा।

इस अवसर पर प्रवेश कुमार, स्कूल स्टाफ सदस्य रजनीश कौर, माया देवी, हरमनप्रीत कौर, अशोक कुमार और गगनदीप सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।