करनाल:- वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती के अवसर पर सदर बाजार स्थित रानी अवंती बाई लोधी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और वीरता का भाव देखने को मिला। भव्य तिरंगा यात्रा के उपरांत आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर महापौर रेणु बाला गुप्ता ने भी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ वीरांगना की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का जीवन अदम्य साहस, राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना अवंती बाई लोधी जैसी महान विभूतियों का योगदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका संघर्ष और त्याग आज भी देशवासियों में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत करता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और आदर्शों से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में महापौर रेणु बाला गुप्ता ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी को नमन करते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंती बाई लोधी ने विपरीत परिस्थितियों में जिस शौर्य, स्वाभिमान और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को देशहित में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
महापौर ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी की वीरगाथा केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग और आत्मसम्मान का जीवंत संदेश है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने सभी नागरिकों से महान वीरांगनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
**ये भी रहे उपस्थित:
इस अवसर पर करनाल विधायक जगमोहन आनंद, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर, चेयरमैन अशोक कुमार सिरसी, चेयरमैन सुभाषचंद, मेघा भंडारी, मंडल अध्यक्ष मोहन लोधी सहित सभी सम्मानित पार्षद एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के राष्ट्र के प्रति योगदान और बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।
