हांसी (दिनकर गावड़ी):- हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के उपमहानिरीक्षक सुरेन्द्र पाल ने हांसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए अपराधों की रोकथाम और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पुलिस जवानों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई और उनके सुझाव भी लिए गए।
बैठक के बाद डीआईजी सुरेन्द्र पाल ने पुलिस कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारियों के तहत पुलिस जवानों की मॉक ड्रिल करवाई गई।
मॉक ड्रिल के दौरान डीआईजी सुरेन्द्र पाल ने पुलिस जवानों को कानून-व्यवस्था की ड्यूटी, भीड़ नियंत्रण, आपात परिस्थितियों से निपटने तथा संवेदनशील हालात में संयम और अनुशासन के साथ काम करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी तालमेल और अनुशासित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान जवानों ने दंगा नियंत्रण किट पहनकर व्यावहारिक अभ्यास किया। इस किट में बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, कैन शील्ड सहित अन्य सुरक्षा उपकरण शामिल थे। मॉक ड्रिल के माध्यम से जवानों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा घेरा बनाने, दंगा नियंत्रण और किसी भी अप्रिय स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने का अभ्यास करवाया गया।
डीआईजी सुरेन्द्र पाल ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रखना और उसकी पेशेवर क्षमता को मजबूत करना है। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता, जिम्मेदारी तथा समन्वय के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना, शांति-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में प्रभावी कार्रवाई करना है। इसके लिए पुलिस बल का नियमित प्रशिक्षण और बेहतर तैयारी आवश्यक है।
