हिसार : श्री रामलीला कमेटी कटला के 129वें श्री रामनवमी महोत्सव के अंतर्गत देवी भवन के गोयनका सदन में चल रही श्रीराम कथा के दौरान श्रीराम-जानकी विवाह की झांकी देखकर श्रद्धालु उत्साहित होकर झूमने लगे। श्रद्धालुओं ने अपने इष्ट श्रीराम और माता जानकी पर पुष्प वर्षा करके अपनी आस्था जताई। श्रीराम-जानकी की आलौकिक जोड़ी देखकर श्रद्धालुओं को आदर्श गृहस्थ जीवन, मर्यादा, प्रेम, त्याग व समर्पण का संदेश मिला।
श्रीराम कथा के पांचवें दिन विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री सावित्री जिंदल मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रही। इस अवसर पर क्वालिटी सीड्स वाले नरेश सिंगल ने अध्यक्षता की। इस दौरान समाजसेवी जगदीश जिंदल, सत्यप्रकाश राजलीवाला, पवन कौशिक, राजेंद्र लोहिया, टीनू जैन, संजय डालमिया, भूपेंद्र पनिहार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। श्री रामलीला कमेटी कटला के प्रधान विनोद गुप्ता व समस्त कार्यकारिणी ने सभी अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया।
इस दौरान प्रवीन बंसल ने परिवार सहित पूरी श्रद्धा के साथ पूजा के विधान का निर्वहन किया और कपिल गोयल व साहिल सिंगल ने प्रसाद व्यवस्था में योगदान दिया। इस दौरान ऋषिराज बुड़ाकिया, आशा गुप्ता, सज्जन गुप्ता, वीरभान बंसल, राजेश शर्मा, अशोक शर्मा, अश्विनी शर्मा, श्रवण असीजा, राजेश लोहिया, रविंद्र गोयल, सतीश बंसल, अजय सिंगल, केशव सिंगल, अनिल जिंदल, रवि बंसल, जनकराज गुप्ता, विनोद वर्मा, कमल किशोर, अनिल महाजन, सतनारायण गोयल, सोहनलाल सिंगला व रामअवतार दुर्जनपुरिया सहित काफी संख्या में गणमान्य लोगों ने श्रीराम कथा को श्रवण किया।
श्रीराम कथा के दौरान श्री रामलीला कमेटी कटला के प्रधान विनोद गुप्ता, सचिव ललित गोयल, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार लोहिया, उप प्रधान अनूप बिंदल व सह सचिव राजकुमार जैन उपस्थित रहे। इनके साथ ही कार्यकारिणी सदस्य विनोद कंसल, राजेश बंसल, राधेश्याम अग्रवाल, दिनेश जैन, प्रवीन सिंगल व चंद्रभान सोनी विशेष रूप से मौजूद रहे।
श्रीराम कथा के दौरान श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा व्यास भावेश कृष्ण भारद्वाज ने अहिल्या उद्धार का प्रसंग सुनाकर प्रभु के प्रति भक्त की आस्था की पराकाष्ठा से परिचय करवाया। उन्होंने कहा कि यदि भक्त सच्चे मन से पुकारे तो भगवान को अवश्य आना ही पड़ता है। भावेश कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि मानव स्वभाव है कि वह बिना कारण करुणा नहीं करता जबकि भगवान का स्वभाव ठीक इसके विपरीत होता है। भगवान श्रीराम बिना किसी कारण के ही करुणामय होकर कृपा कर सकते हैं। कथा व्यास ने समझाया कि प्रभु के पास कृपा की कोई कमी नहीं केवल लेने वाला चाहिए।
प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि श्रीराम कथा के सातवें दिन 25 मार्च को हनुमान व सुग्रीव मिलन, बाली वध व सुंदरकांड प्रसंग सुनने का मौका मिलेगा। 26 मार्च को आठवें दिन युद्ध प्रसंग, रावण वध व श्रीराम के अयोध्या लौटने का प्रसंग रहेगा। उन्होंने बताया कि 27 मार्च को प्रात: 7.15 बजे देवी भवन के गोयनका सदन में हवन के उपरांत प्रात: 9.15 बजे भव्य रामनवमी शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह शोभा यात्रा गोयनका सदन से चलकर मुख्य बाजारों से होते हुए वापस यहीं पहुंचेगी। इसके उपरांत दोपहर 12.15 बजे से श्रद्धालुओं के लिए अटूट भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
