साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, 17 अक्टूबर:- डिप्टी कमिश्नर श्रीमती कोमल मित्तल ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे मंडियों में केवल सूखा और पूरी तरह पका हुआ धान ही लेकर आएं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके और किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने किसानों से फसल अवशेषों को आग न लगाने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पराली के उचित प्रबंधन के तरीके अपनाने की भी अपील की।

जिले में धान की खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि अब तक जिले की मंडियों में 1,11,788 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से 1,11,262 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसी तरह अब तक 61,018 मीट्रिक टन धान का उठान भी किया जा चुका है। मौजूदा खरीद सीजन के दौरान जिले में धान की कुल अनुमानित आवक 2,06,148 मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि मंडियों में सूखा और पूरी तरह पका हुआ धान लाने से खरीद प्रक्रिया में तेजी आती है और धान की खरीद तथा उठान समय पर करने में मदद मिलती है। उन्होंने संबंधित खरीद एजेंसियों और अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाए रखने तथा मंडियों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

पराली जलाने के दुष्प्रभावों के बारे में बात करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि फसल अवशेषों को आग लगाने से वायु प्रदूषित होती है, लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध मशीनरी और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करें तथा पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है और मंडियों में धान की निर्बाध खरीद तथा समय पर उठान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से खरीद प्रक्रिया में सहयोग देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा करने की अपील की।