ऊना, 22 जून:- महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के चेयरमैन नव बैंस ने जिला ऊना में संचालित कुछ फास्ट फूड दुकानों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों एवं खाद्य पदार्थ विक्रेताओं द्वारा स्वच्छता नियमों की अनदेखी किए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की बिक्री के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। लेकिन कई स्थानों पर इसके विपरीत स्थिति देखने को मिल रही है।
नव बैंस ने कहा कि कुछ दुकानों पर खाद्य सामग्री तैयार करते समय विक्रेताओं द्वारा मास्क और दस्तानों का उपयोग नहीं किया जाता। वहीं कुछ लोग मुंह में गुटखा या तंबाकू रखकर खाद्य पदार्थ बनाते और परोसते दिखाई देते हैं, जो स्वास्थ्य मानकों के विपरीत है। इसके अलावा कुछ दुकानों में चूहों एवं अन्य गंदगी से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं, जिससे खाद्य सामग्री दूषित होने का खतरा बना रहता है।
 उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। विशेष रूप से बच्चों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और दूषित खाद्य पदार्थ विभिन्न प्रकार की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल स्वच्छ और सुरक्षित स्थानों से ही खाद्य सामग्री खरीदकर दें तथा खाद्य पदार्थ खरीदते समय साफ-सफाई का अवश्य ध्यान रखें। 
महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के चेयरमैन नव बैंस ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि जिले में संचालित फास्ट फूड दुकानों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों एवं अन्य खाद्य विक्रेताओं की नियमित जांच की जाए। साथ ही उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया जाए। ताकि आम जनता विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।