फतेहाबाद, 6 अगस्त:- जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन जीवन ज्योति के तहत नशा मुक्ति अभियान लगातार प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में नशा मुक्ति टीमों ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर नशा पीड़ितों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें उपचार, काउंसलिंग एवं पुनर्वास के लिए प्रेरित किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन की ओर अग्रसर करना है।
इसी क्रम में उपनिरीक्षक सुंदर लाल के नेतृत्व में नशा मुक्ति टीम फतेहाबाद ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नागपुर में आयोजित जागरूकता सेमीनार में भाग लेने के उपरांत गांव हांसपुर में आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान टीम ने 8 नशा पीड़ितों को चिन्हित किया, जिनमें से उपस्थित मिले 3 पीड़ितों की काउंसलिंग कर उन्हें आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। शेष पीड़ितों के परिजनों को उनके उपचार हेतु सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त गांव हड़ौली एवं जल्लोपुर के उपचाराधीन पीड़ितों का फॉलोअप लिया गया तथा पूर्व में चिन्हित 3 नशा पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतिया में भर्ती करवाया गया।
वहीं सहायक उपनिरीक्षक सज्जन कुमार के नेतृत्व में नशा मुक्ति अभियान टोहाना मंडल की टीम ने गांव समैण में नशा पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया। टीम ने मौके पर मिले 4 नशा पीड़ितों की काउंसलिंग की, जिनमें कुछ में सुधार पाया गया। अन्य पीड़ितों के घर जाकर उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली गई तथा जिन लोगों में अभी भी नशे की प्रवृत्ति बनी हुई है, उन्हें दोबारा उपचार शुरू करवाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान एक एचआईवी पॉजिटिव नशा पीड़ित द्वारा नशा छोड़कर सन्यास धारण करने की जानकारी भी सामने आई, जिसे टीम ने सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बताया।
अभियान के अंतर्गत आज टोहाना क्षेत्र के 11 नशा पीड़ितों को सरकारी अस्पताल से दवाएं उपलब्ध करवाई गईं तथा 3 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस की नशा मुक्ति टीमों ने आमजन से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे सामाजिक सहयोग और उचित उपचार उपलब्ध करवाने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि जिले को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
