करनाल, 30 जून:- चेयरमैन कर्नल अरुण दत्ता के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं प्रधानाचार्या सुश्री गरिमा के प्रेरणादायी नेतृत्व में करनाल इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के उद्देश्य से आयोजित ‘हैप्पी क्लासरूम’ विषयक कार्यशाला के दूसरे दिन का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला के इस सत्र का संचालन प्रख्यात शैक्षिक प्रशिक्षक एवं अकादमिक रणनीतिकार सुश्री सुकन्या पी. शर्मा ने किया। उन्होंने आनंदमय, समावेशी एवं सहभागितापूर्ण कक्षा वातावरण के निर्माण के लिए व्यावहारिक एवं नवाचारी शिक्षण रणनीतियों से शिक्षकों को अवगत कराया। उन्होंने शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास को बढ़ावा देने तथा रचनात्मक शिक्षण विधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को ऐसा सकारात्मक एवं सहयोगात्मक कक्षा वातावरण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी स्वयं को सम्मानित, आत्मविश्वासी एवं सीखने के लिए उत्साहित महसूस करे। संवादात्मक चर्चाओं और गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया गया।
समापन अवसर पर चेयरमैन कर्नल अरुण दत्ता ने संसाधन विशेषज्ञ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ज्ञानवर्धक एवं सहभागितापूर्ण सत्र शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी रहा। उन्होंने शिक्षकों से निरंतर नवीन ज्ञान अर्जित करने, अपने कौशल को निखारने तथा समय के साथ स्वयं को अद्यतन बनाए रखने का आह्वान किया। 
उन्होंने कहा कि नियमित प्रशिक्षण और कार्यशालाओं में भागीदारी ही शिक्षकों को बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप सक्षम बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि एक श्रेष्ठ शिक्षक वही है, जो विद्यार्थियों की प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा प्रदान करे। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और उत्तम चरित्र के निर्माण का सशक्त माध्यम भी है।
कार्यशाला का समापन शिक्षकों में नई ऊर्जा, उत्साह एवं सकारात्मक सोच के साथ हुआ। इस प्रेरणादायी सत्र ने शिक्षकों को ऐसी आनंदमयी कक्षाओं के निर्माण के लिए प्रेरित किया, जहाँ जिज्ञासा, रचनात्मकता और विद्यार्थियों के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिले।
विद्यालय परिवार ने प्रधानाचार्या सुश्री गरिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रोत्साहन एवं सहयोग से शिक्षकों के लिए ऐसे प्रभावी व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों का सफल आयोजन संभव हो पा रहा है। विद्यालय को विश्वास है कि भविष्य में भी शिक्षकों को इसी प्रकार सीखने, नवाचार अपनाने और अपने ज्ञान एवं कौशल को समृद्ध करने के अवसर मिलते रहेंगे।