करनाल, 7 दिसंबर: गोमय स्वावलंबी यात्रा के अंतर्गत ब्रह्मसरोवर पर गौ माता के सम्मान, स्वावलंबन एवं रोजगार को समर्पित प्रेरणादायी अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गौ आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वच्छ, स्वास्थ्यप्रद तथा आत्मनिर्भर जीवनशैली को बढ़ावा देना है। 
अभियान के तहत गोमय, गोरस और गोधन से बनने वाले उत्पादों के साथ जैविक खेती, पंचगव्य औषधि निर्माण व वैदिक पारंपरिक वस्तुओं (लक्ष्मी-गणेश मूर्तियाँ, शुभ-लाभ, वैदिक आर्टिकल्स) का प्रशिक्षण देशभर में दिया जा रहा है। स्टॉल पर आगमन के दौरान श्रीकृष्ण आयुर्वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति वेद करतार सिंह धीमान ने सभी उत्पादों का निरीक्षण किया और अभियान को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। 
उन्होंने कहा कि गौ माता के आशीष से निर्मित ये उत्पाद लोगों की दिनचर्या का सकारात्मक हिस्सा बनेंगे। स्टॉल पर बंजारा पद्धति का घी, एक्यूप्रेशर मैट, आदिवासी हस्तनिर्मित वैदिक बाम, राधाकृष्ण व गौ माता/भारत माता के चित्र सहित कई वस्तुएँ आकर्षण का केंद्र रहीं। अभियान सहयोगियों तरुण जैन (जगाधरी), आशीष बघेल (नागपुर) और पूनम रोहिल्ला (यमुनानगर) के समर्पण की कुलपति ने सराहना की।