चंडीगढ़:- पंजाब यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक कार्यक्रम को लेकर विवाद गंभीर हो गया है। 'सीरत' कार्यक्रम का विरोध कर रहे छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया। रिपोर्टों के अनुसार, नारेबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

ABVP की ओर से आयोजित 'सीरत' कार्यक्रम में RSS के एक राष्ट्रीय सचिव को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कई छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन करने के लिए मौके पर पहुंच गए और RSS के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान PSU ललकार और ABVP के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे विवाद और बढ़ गया।


बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन का हस्तक्षेप

जब स्थिति बिगड़ गई, तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने मध्यस्थता के लिए हस्तक्षेप किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ABVP के छात्रों को ऑडिटोरियम के अंदर रखा गया, जबकि PSU ललकार और अन्य छात्र संगठनों से जुड़े कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, हिरासत में लिए गए छात्रों की संख्या या बाद में उनकी रिहाई के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।


छात्र संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए सवाल

अगले दिन कई छात्र संगठनों ने पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के लिए जवाबदेही की मांग की। छात्र संगठनों ने मांग की कि भविष्य में RSS जैसे संगठनों को पंजाब यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति देने के संबंध में प्रशासन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रशासन के जवाब देने और आगे की कार्रवाई तय करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।