संतोषगढ़/ऊना, 1 जून (राजवीर चोपड़ा):- ऊना ब्लॉक समिति वार्ड नंबर-24 सनोली के चुनाव परिणाम को लेकर विवाद गहरा गया है। भाजपा समर्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी करार दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार ब्लॉक समिति वार्ड-24 की मतगणना राजकीय महाविद्यालय ऊना में संपन्न हुई थी। उनका आरोप है कि प्रारंभिक मतगणना के बाद ऊना के एसडीएम द्वारा तृप्ता देवी पत्नी बलिराम को 15 मतों से विजयी घोषित किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि उस समय तृप्ता देवी को 811 तथा उनकी प्रतिद्वंद्वी चरण कौर को 796 मत प्राप्त हुए थे, जबकि 50 मत नोटा अथवा निरस्त श्रेणी में दर्ज किए गए थे।
आरोप है कि जब तृप्ता देवी के काउंटिंग एजेंट विजय प्रमाण-पत्र लेने के लिए पहुंचे तो उन्हें कुछ समय प्रतीक्षा करने को कहा गया। इसके बाद मतों की पुनर्गणना (रिकाउंटिंग) का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग डेढ़ घंटे तक मतगणना प्रक्रिया रुकी रही और बाद में अलग-अलग टेबलों पर पुनर्गणना करवाई गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुनर्गणना के बाद चुनाव परिणाम पूरी तरह बदल दिया गया। उनके अनुसार अंतिम परिणाम में चरण कौर को 845 तथा तृप्ता देवी को 754 मत दर्शाए गए, जबकि नोटा एवं निरस्त मतों की संख्या 58 बताई गई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्मीदवार को पहले 15 मतों से विजयी घोषित किया गया था, उसे बाद में 91 मतों से पराजित दिखाया गया।
नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत सनोली के प्रधान जरनैल सिंह तथा उपप्रधान पवन दीवान ने आरोप लगाया कि उनकी समर्थित प्रत्याशी तृप्ता देवी को प्रशासन ने सरकार के दबाव में हराया है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी तथा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
सोमवार को सनोली में सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सनोली के प्रधान जरनैल सिंह, उपप्रधान पवन दीवान, पूर्व प्रधान जसवीर कौर, पूर्व युवा मोर्चा प्रधान राजेश कौशल, महेश मांगू, हरप्रीत खंडो, सेवानिवृत्त डीएसपी करनैल सिंह, रविंद्र बिट्टू, राम स्वरूप, कुलवंत सिंह राणा, मनीष दीवान, स्नेह लता दीवान, बलीराम रीहल, तृप्ता देवी, राजेंद्र रीहल, शिव कुमार गौड़, पवन कौशल, राजेश शर्मा, हनी मनकू, विशाल रीहल, नीतीश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
**प्रशासन का पक्ष**
इस मामले पर ऊना के तहसीलदार विपिन ठाकुर ने कहा कि मतगणना में धांधली के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार मतगणना पूरी होने के बाद एक उम्मीदवार के आग्रह पर पुनर्गणना करवाई गई थी। इसके बाद दूसरे उम्मीदवार द्वारा भी पुनर्गणना की मांग की गई, जिस पर दोबारा मतों की गिनती करवाई गई। उन्होंने कहा कि दूसरी रिकाउंटिंग के बाद दोनों पक्षों की संतुष्टि के उपरांत ही चुनाव परिणाम घोषित किया गया।
