एसएएस नगर, 6 अप्रैल - पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में पिछले 6 वर्षों से आउटसोर्सिंग पर काम कर रही सुपरवाइजर श्रीमती रजनी की बर्खास्तगी की विभिन्न ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने कड़ी निंदा की है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सीटू के जिला प्रधान गुरदीप सिंह, बोर्ड निगम महासंघ के प्रधान तारा सिंह, महासचिव राज कुमार, शिफा सेवक यूनियन के प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में करीब 50 सफाई कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे हैं गया नेताओं ने कहा कि ये मजदूर करीब 10 वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन इन पर कोई श्रम कानून लागू नहीं है. उन्होंने कहा कि बेयर्ड का ठेकेदार ईपीएफ, ईएसआई आदि की सुविधा देने के लिए बाध्य है लेकिन सफाईकर्मियों को न तो ईपीएफ खाता नंबर पता है और न ही ईएसआई कार्ड।

नेताओं ने कहा कि जब इन कर्मचारियों ने अपने शोषण के खिलाफ आवाज उठाई तो बोर्ड ठेकेदार ने उन्हें नौकरी से निकालना शुरू कर दिया और उनकी जगह नई भर्ती शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की इस धक्केशाही के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उनके संगठन पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड शिफ्या सेवक यूनियन का गठन किया गया है। तथा अपना मांग पत्र बोर्ड के सचिव, सफाई कर्मचारियों के ठेकेदार एवं अन्य उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। मांग पत्र में चेतावनी दी गई है कि अगर सुपरवाइजर को बहाल नहीं किया गया और श्रम कानून लागू नहीं किया गया तो सफाई कर्मचारी संघर्ष करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर हिफिसा सेवक यूनियन के प्रेस सचिव हरकेश राणा, डेलीवेज इंप्लाइज यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनदीप सिंह, महासचिव इंदरजीत सिंह, बूटा सिंह, नवप्रीत सिंह करण सिंह और पीएसआईईसी स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपा राम, वित्त सचिव बलवंत सिंह , तेजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।