होशियारपुर:- श्री भगवान परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष शर्मा द्वारा सिटी थाना के SHO माननीय गुरसाहिब सिंह जी को नेटफ्लिक्स पर प्रसारित फिल्म “घूसखोर पंडित” के आपत्तिजनक शीर्षक एवं ट्रेलर के माध्यम से ब्राह्मण समाज तथा उच्च पदों पर कार्यरत ब्राह्मण अधिकारियों की छवि को जानबूझकर धूमिल किए जाने के गंभीर मामले में एक विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी गई। लीगल सेल से अक्षय पराशर ने बताया कि शिकायत में उल्लेख किया गया कि फिल्म के ट्रेलर में अभिनेता मनोज बाजपेयी को पुलिस वर्दी में “घूसखोर पंडित” के रूप में दिखाया गया है, जो सीधे तौर पर “पंडित/ब्राह्मण” शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़ता है।
इससे न केवल ब्राह्मण समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं, बल्कि पुलिस एवं अन्य सार्वजनिक सेवाओं में कार्यरत ईमानदार ब्राह्मण अधिकारियों को भी सामूहिक रूप से बदनाम किया गया है। यह कृत्य समाज में वैमनस्य फैलाने और सार्वजनिक विश्वास को कमजोर करने वाला है। श्री भगवान परशुराम सेना ने मांग की है कि इस मामले में
अभिनेता मनोज बाजपेयी, निर्माता/निर्देशक नीरज पांडे,
नेटफ्लिक्स इंडिया की वरिष्ठ अधिकारी मोनिका शेरगिल, तथा पटकथा लेखक रितेश शाह के विरुद्ध तत्काल Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत धारा 196 BNS – धर्म/समुदाय के आधार पर वैमनस्य फैलाना
धारा 299 BNS – जानबूझकर धार्मिक भावनाएँ आहत करना धारा 356 BNS – किसी समुदाय की मानहानि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 – डिजिटल माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण करने पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए और विवेचना के दौरान अन्य उपयुक्त धाराएँ जोड़ने सहित उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, नेटफ्लिक्स इंडिया की भूमिका की गहन जांच की भी मांग की गई है। श्री भगवान परशुराम सेना ने मांग की है कि इस मामले में अभिनेता मनोज बाजपेयी, निर्माता/निर्देशक नीरज पांडे, नेटफ्लिक्स इंडिया की वरिष्ठ अधिकारी मोनिका शेरगिल, तथा पटकथा लेखक रितेश शाह के विरुद्ध तत्काल Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत धारा 196 BNS – धर्म/समुदाय के आधार पर वैमनस्य फैलाना धारा 299 BNS – जानबूझकर धार्मिक भावनाएँ आहत करना धारा 356 BNS – किसी समुदाय की मानहानि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 – डिजिटल माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण करने पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए और विवेचना के दौरान अन्य उपयुक्त धाराएँ जोड़ने सहित उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, नेटफ्लिक्स इंडिया की भूमिका की गहन जांच की भी मांग की गई है। इस अवसर पर श्री भगवान परशुराम सेना की लीगल सेल से अक्षय कुमार, अनमोल हंडा, तथा शिवसेना हिंदुस्तान के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेंद्र राणा भी उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में इस आपत्तिजनक फिल्म के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग का समर्थन किया। सिटी थाना के SHO माननीय गुरसाहिब सिंह जी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले के सभी तथ्यों, साक्ष्यों एवं कानूनी प्रावधानों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और शिकायत की विधिसम्मत जांच कर शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। SHO द्वारा दिए गए इस आश्वासन के बावजूद संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पूरे मामले पर कड़ी निगरानी बनाए रखेगा। शिवसेना हिन्दोस्तान के प्रदेश अध्यक्ष राजिंदर राणा ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र FIR दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा न्यायालय तक ले जाया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन एवं प्लेटफॉर्म की होगी।
नेटफ्लिक्स पर प्रसारित फिल्म घूसखोर पंडित के विरुद्ध सिटी थाना को शिकायत दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग परशुराम सेना
