पटियाला:- भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साहब जी को समर्पित भाषण प्रतियोगिताएँ सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पुरानी पुलिस लाइन में स्टेट अवॉर्ड विजेता प्रिंसिपल श्रीमती मनदीप कौर अंताल की सरपरस्ती में फर्स्ट एड, सेफ्टी और स्वास्थ्य जागरूकता मिशन के चीफ ट्रेनर श्री काका राम वर्मा द्वारा आयोजित की गईं। इस दौरान 9 स्कूलों के 36 विद्यार्थियों ने अपनी दिल की भावनाओं के ज़रिए कलाम साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्षमयी जीवन के बारे में बताया।
उन्होंने उजागर किया कि जहाँ बचपन और जवानी में गरीबी के कारण उन्हें अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, वहीं उन्होंने भारत माँ के सच्चे कर्मयोगी सपूत के रूप में अमरीका में रहने के लिए वहाँ की सरकार द्वारा दी जाने वाली 8 लाख डॉलर प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप को त्याग दिया और भारत वापस आकर दिन-रात मेहनत करके मिसाइलों तथा तकनीक के माध्यम से भारत को एक महान शक्तिशाली देश बनाया।
प्रतियोगिताओं के संबंध में जानकारी देते हुए कॉर्डिनेटर सुषमा, लेक्चरर ने कहा कि विद्यार्थियों को भारत माँ के महान क्रांतिकारी देशभक्तों के बारे में जानकारी देकर उन्हें मुसीबतों और परेशानियों का सामना करने तथा नशों व अपराधों से बचाने के लिए नई सीध (दिशा) मिल सकती है।
श्रीमती रविंदर कौर सिद्धू, जरनैल सिंह, सुखनैब सिंह और अलका अरोड़ा ने बताया कि 27 जुलाई 2015 को कलाम साहब जी जब शिलोंग के एक कॉलेज में परमाणु, एटमी और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से उन्नति, खुशहाली, अमन-शांति, मर्यादाओं तथा स्वास्थ्य के महत्त्व के बारे में जानकारी दे रहे थे, तब उन्हें दिल का दौरा पड़ गया था।
परंतु किसी भी विद्यार्थी, प्रोफेसर, मेहमान या सुरक्षा अधिकारियों द्वारा फर्स्ट एड, सीपीआर या रिकवरी पोजीशन नहीं दी गई, जिसके कारण उनका निधन हो गया था। लेकिन हमारे द्वारा विद्यार्थियों, अध्यापकों, पुलिस और फैक्टरी कर्मचारियों को फर्स्ट एड, सीपीआर, फायर सेफ्टी तथा आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जा रही है, और कीमती जान बचाने वाले विद्यार्थियों को हर महीने सम्मानित किया जाता है।
