जीरकपुर, 14 जुलाई- राज्य सरकार द्वारा हाल ही में बड़े जोर-शोर से प्रचारित किया गया था कि कोई भी नागरिक अगर सरकारी सेवा में गड़बड़ी या लापरवाही का अनुभव करता है, तो वह घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकता है और उसे 15 दिनों में समाधान मिलेगा। इसके लिए https://connect.punjab.gov.in पर ‘जन शिकायत निवारण पोर्टल’ लॉन्च किया गया है।
लेकिन यह दावा सिर्फ़ कागज़ी साबित हो रहा है। हकीकत यह है कि शिकायत दर्ज होने के कुछ ही दिनों बाद शिकायतकर्ता को एक ऑटोमेटिक संदेश भेज दिया जाता है कि “आपकी शिकायत का निपटारा कर दिया गया है” — जबकि असल में न कोई कार्यवाही होती है, न कोई जवाब।
जैक रेज़िडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने बताया कि शिकायतकर्ता को न तो किसी अधिकारी की तरफ़ से संपर्क किया जाता है, न ही जांच की कोई सूचना मिलती है। शिकायत निवारण प्रणाली पूरी तरह से दिखावे की बनकर रह गई है।
जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय, केवल औपचारिकता निभाई जा रही है — जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की कथित जवाबदेही और पारदर्शिता केवल अख़बारों की हेडलाइन तक सीमित है।
हम सरकार से मांग करते हैं:
1. हर शिकायत के सत्यापन और समाधान की स्पष्ट जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए।
2. “आपकी शिकायत का निपटारा हो गया” जैसा संदेश भेजने से पहले शिकायतकर्ता की पुष्टि ली जाए।
3. दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
अन्यथा यह पूरा सिस्टम सिर्फ़ जनता को भ्रम में रखने और असली समस्याओं को दबाने का एक तरीका बनकर रह जाएगा।
