पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डब्ल्यूबीसीपीसीआर) ने सोमवार को कहा कि प्रथम दृष्टया उसका विचार है कि जादवपुर विश्वविद्यालय के लड़कों के मुख्य छात्रावास में प्रथम वर्ष के स्नातक छात्र की अप्राकृतिक मौत को POCSO के प्रावधानों के तहत निपटाया जाना चाहिए।