चंडीगढ़, 9 मार्च 2025- चंडीगढ़ की लेखिका हिताक्षी शर्मा ने अपनी दूसरी किताब वाराणसी टू गोमुख (यात्रा डायरी) प्रकाशित की है। इस किताब का विमोचन पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) रेणु विग और सेंटर फॉर सोशल वर्क के डॉ. गौरव गौर ने किया।
यह किताब लेखक के वाराणसी से गोमुख तक के सफर के अनुभवों के बारे में है। इसके अलावा यह मानसिक बाधाओं, खुद से पैदा किए गए डर, खुद पर लगाई गई सीमाओं और सबसे बढ़कर इस अहसास पर काबू पाने की एक आंतरिक यात्रा है कि जब समय आता है, तो कैसे कोई जगह आपको बुलाती है और अपनी ओर खींचती है।
किताब अजनबियों के बारे में भी बताती है और बताती है कि कैसे किसी अनजान व्यक्ति से मिलना आपके लिए नए क्षितिज खोल सकता है। यह दयालुता के बारे में भी बात करती है। यह किताब आपको अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने के लिए प्रेरित करेगी और आपको अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित यात्रा योजनाओं की ओर पहला कदम उठाने के लिए आत्मविश्वास से भर देगी।
यह किताब एक खूबसूरत संदेश देती है कि आपको अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए किसी और की अनुमति की जरूरत नहीं है, बल्कि खुद की अनुमति की जरूरत है। एक लेखिका के रूप में हिताक्षी शर्मा का मानना है कि यदि एक व्यक्ति भी उनके लेखन से सकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाए तो उनका उद्देश्य पूरा हो जाता है।
चंडीगढ़ स्थित लेखिका, हिताक्षी शर्मा ने अपनी दूसरी पुस्तक वाराणसी टू गोमुख (यात्रा डायरीज़) नाम से प्रकाशित की।
