करनाल, 18 फरवरी:- करनाल की अदालत में जमानत प्रक्रिया के दौरान एक बड़े जमानती गैंग का खुलासा हुआ है। हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी को जमानत दिलाने पहुंचा व्यक्ति खुद ही कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि वह व्यक्ति एक ही जमीन के कागजात और अलग-अलग फर्जी आधार कार्डों के जरिए कई जिलों में आरोपियों की जमानत कराता रहा है।
मामला मधुबन थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 16 फरवरी को कोर्ट ने आरोपी वीरभान को जमानत देने का आदेश दिया था। इसके बाद जमानत बांड भरने के लिए पानीपत जिले के तामसाबाद गांव निवासी अश्वनी कुमार अदालत में जमानती के रूप में पेश हुआ। उसने शपथ पत्र देकर दावा किया कि वह किसी अन्य मामले में जमानती नहीं है और अपनी जमीन की जमाबंदी की कॉपी, मूल आधार कार्ड और उसकी फोटो कॉपी कोर्ट में जमा कराई।
लेकिन अदालत के रीडर ने जब उसकी जानकारी को एसआईएमएस सिस्टम से वेरिफाई किया तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि अश्वनी कुमार पहले भी कई आपराधिक मामलों में जमानती बन चुका है। उसके खिलाफ रिकॉर्ड करनाल, पानीपत, सोनीपत, बहादुरगढ़ और झज्जर की अदालतों में दर्ज मिले।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि उसने हर बार एक ही जमीन के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और अलग-अलग अदालतों में अलग-अलग आधार नंबर पेश किए। यानी जमानत दिलाने के लिए उसने फर्जी आधार कार्डों का सहारा लिया। अदालत के रिकॉर्ड में उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए कई आधार नंबर दर्ज पाए गए, जिससे पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई।
तथ्यों के सामने आने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सख्त रुख अपनाते हुए 17 फरवरी को अश्वनी कुमार को कोर्ट से ही हिरासत में लेने का आदेश दिया। उसे सेक्टर-13 चौकी पुलिस के हवाले कर दिया गया। अदालत के रीडर को शिकायतकर्ता बनाया गया और पूरी शिकायत थाना सिविल लाइन को भेज दी गई।
कोर्ट ने जमानत बांड स्वीकार करने से इनकार कर दिया और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत का कहना है कि यदि इस फर्जीवाड़े में और लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूरे मामले से यह साफ हो गया है कि अश्वनी कुमार एक ‘पेशेवर जमानती’ के रूप में काम कर रहा था, जो एक ही जमीन और फर्जी पहचान के सहारे कई आरोपियों को जमानत दिलाने का धंधा चला रहा था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।