सुनाम, 06 जुलाई:- पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा के नेतृत्व में सुनाम शहर के लोगों के हित में एक और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए नगर कौंसिल सुनाम ने 'पुरानी मंडी' से संबंधित पिछले 40 वर्षों से लटके आ रहे गंभीर मसले को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है।
आज सुनाम नगर कौंसिल के हाउस की पहली विशेष बैठक में, जो कार्यकारी प्रधान यादविंदर निर्माण के नेतृत्व में हुई और जिसकी शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, पुरानी मंडी के निवासियों और दुकानदारों के हक में एक बड़ा फैसला लेते हुए पिछली सरकारों के समय बनी विवादित योजना को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया गया है।
मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि साल 1984 में पिछली सरकारों के दौरान पुरानी मंडी को डी-नोटिफाई किया गया था, जिसके बाद वहां के निवासियों और शोरूमों के आगे नई निर्माण योजना बनाई गई थी। इस मसले के कारण स्थानीय लोगों और कौंसिल के बीच लंबी कानूनी लड़ाई चली। हालांकि, हाई कोर्ट में कमेटी केस जीत गई थी, लेकिन हमारी सरकार लोगों को उजाड़ने के हक में नहीं है।
मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा, "चुनावों के दौरान विरोधियों ने पूरी मंडी के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की थी कि चुनाव के बाद लोगों के मकान और दुकानें ढहा दी जाएंगी और बुलडोजर चलाए जाएंगे। मैंने चुनाव के दौरान ही लोगों से वादा किया था कि जब तक लोगों का विश्वास उन पर है, कोई भी किसी के कारोबार या मकान की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकेगा। आज हमने पहली ही बैठक में वह 40 साल पुराना मसला हल कर दिया है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की आबादी और ट्रैफिक की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब वहां कोई भी नई दुकान या शोरूम बनाने की नगर कौंसिल की कोई मंशा नहीं है, जिससे लोगों का रास्ता रुके।
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद मंत्री अमन अरोड़ा ने पुरानी मंडी के सभी निवासियों, शहरवासियों और उन सभी गणमान्य व्यक्तियों को बधाई दी, जिन्होंने इस जनहित के मसले को उठाने में अहम भूमिका निभाई। इस बैठक में नगर कौंसिल के प्रधान मनप्रीत बंसल, उपाध्यक्ष मीना रानी, जिस वार्ड से संबंधित यह फैसला है उसकी नगर कौंसिलर माही महंत सहित सभी नगर कौंसिलर मौजूद थे।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के नेतृत्व में सुनाम निवासियों को बड़ी राहत पुरानी मंडी का 40 साल पुराना मसला हल
