होशियारपुर:- पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण   सूद द्वारा जारी  नोट  प्रेस  में कहा गया  है कि बेशक   भगवंत मान तथा केजरीवाल टोला जिला प्रबंधक गोदाम  निगम गगनदीप सिंह   रंधावा के मामले में पीड़ित  परिवार को न्याय दिलाने के जितने मर्जी दावे करते रहे परन्तु उनके व्यवाहार से यह पता चल रहा है कि वह  अपने मंत्री लालजीत भुल्लर  को बचाने तथा  सरकार की साख को कलंकित होने  से बचा रहे है। 
उन्होंने कहा कि पंजाब में चल रही  इस ड्रामेबाज  सरकार ने अपने कई मंत्रियों तथा विधायकों  पर कारवाई  करने का ढोंग रचा था। परन्तु मामला ठंडा होते ही उसे ठंडे वस्ते में डाल दिया जाता रहा। रंधावा कांड में इसके मंत्री लालजीत भुल्लर तथा उसके परिवार  जनो की  कोई भूमिका स्पष्ट नजर आ रही है। इसके बावजूद उस पर FIR  दर्ज करने में मान सरकार द्वारा की गई आना कानी प्रमाणित करती है कि सरकार उसे बचाने के मूड़ में खड़ी है। उसके बाद ही बिपक्षी दलों के तीखे संघर्ष के बाद भी दवाव में आकर आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हुई है।
 जबकि लालजीत भुल्लर पुलिस कस्टड़ी में प्रेस को मुखातिव  भी होता है जो कि हैरानी वाली बात है तथा गिरफ्तारी  से मुनकर होकर कहता है कि उसने स्व -इच्छा  से आत्म समर्पण किया है।  बिपक्षी पार्टियों तथा उनके सांसदों के द्वारा मामला लोक सभा में उठाने पर केंद्रीय गृह -मंत्री अमित शाह द्वारा सीबीआई केस देने की बात करने  के बावजूद   भगवंत मान  बड़ी बेशर्मी से सीबीआई को केस देने से इन्कार करते नज़र आ रहे है। 
उन्होंने कहा  किअगर सरकार  लालजीत भुल्लर  को बचाना  नहीं चाहती तो मामले को सीबीआई को देने से हिचकच्चा क्यों रही है। उन्होंने कहा  कि कि सरकार का रोल स्वयं मुलजिम ,स्वयं आरोपकर्ता तथा स्वयं ही मुनसिफ का बना हुआ है जो कि कुदरती न्याय के विपरीत है। अगर मान सरकार मामले में निष्पक्षता से जांच करवाना चाहती है तो मामले को सीबीआई  या  हाई कोर्ट के जज को देकर जांच करवाए।
 क्योंकि पहले ही टेंडर जबरदस्ती अलाट करने के मामले में सरकार से जबरदस्ती लूट करने की  FIR में धारा नही जोड़ी गई। अब अगर आगे भी  पंजाब सरकार की एजेंसी जांच करती है तो केस को रफा -दफा  कर दिया जाएगा ,इसमें कोई संदेह  नही।