हरियाणा/हिसार:- लोग जब भी किसी की खूबसूरत सी तस्वीर देखते हैं, तो उस व्यक्ति से प्रभावित हो जाते हैं | उस व्यक्ति की खूबसूरती की तरफ खिंचने लगते हैं |और सोचते हैं कि "यह व्यक्ति दिखने में इतना सुंदर है तो हकीकत में कितना अच्छा होगा "| आजकल हर व्यक्ति अपने-अपने मोबाइल फोन से सैकड़ो तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या अन्य किसी भी ऐप पर पोस्ट करता ही रहता है| जिनमें की कई तरीके के फिल्टर भी दिए गए होते हैं| 
जिन्हें प्रयोग करके वह खूबसूरत तस्वीर अपने फोन में कैद कर लेता है| जिन्हें देखकर सामने वाला व्यक्ति बहुत जल्दी रीझ जाता है| और उस व्यक्ति के बारे में अच्छी-अच्छी धारणाएं बनाने लगता है| जबकि उस व्यक्ति के चरित्र के विषय में उसे पता भी नहीं होता| अगर किसी ने कोई ज्ञानवर्धक पोस्ट डाल दी ,तो लोग उसे ज्ञानी समझते हैं| भले ही वह कहीं से भी उठाकर कॉपी पेस्ट की गई हो| या फिर वह कोई वीडियो हो या तस्वीर हो या रील हो| 
मगर मुझे यह समझ नहीं आता की लोग किसी के भी विषय में ऐसी धारणाएं क्यों बनाते हैं ?उसे देखे बिना, मिले बिना ,जाने बिना| अगर कोई व्यक्ति कोई दुख भरा या कोई खुशी भरा गीत गा रहा है| या अन्य कुछ भी ऐसा जो हंसी मजाक वाला या दुख भरा वीडियो हो वह पोस्ट कर रहा है, तब भी लोग यही समझते हैं कि शायद यह दुखी होगा या खुश होगा| उसके विषय में अपने आप ही अलग-अलग धारणाएं बनाने लगते हैं| 
कुछ लोग तो सोशल मीडिया से पैसा कमाने के चक्कर में भी बिना सोचे समझे कोई भी वीडियो बनाकर पोस्ट करते हैं | जबकि लोग जानते हैं कि कैमरा सिर्फ तस्वीर खींचता है ,किसी व्यक्ति की असलियत नहीं दिखाता| आजकल नौजवानों में तो यह बहुत बड़ी होड सी चल रही है, वह तरह-तरह की फोटो वीडियो रील्स बनाकर डाल रहे हैं |बल्कि बड़े उम्रदार लोग भी यही कर रहे हैं| मगर क्या इससे उनके किरदार का आंकलन किया जा सकता है? या उनकी फितरत पहचानी जा सकती है? लोग बनावटी मुस्कान मुस्कुरा कर फोटो खींचते हैं| 
मगर वह अंदर से कैसे है? यह तो वही व्यक्ति जानता है जो हर वक्त उनके आसपास रहता है| या जो उन्हें जान परख चुका होता है| सरे महफिल खड़े होकर लोग किसी का भी मजाक बना देते हैं और फिर उसी व्यक्ति के साथ फोटो भी खिंचवाकर पोस्ट कर देते हैं| सही मायने में देखा जाए तो साथ खड़े व्यक्ति का भी आजकल भरोसा नहीं किया जा सकता कि वह आपके बारे में क्या सोच रहा है| 
लोग इतने चालाक हो गए हैं कि आप उनकी नकली मुस्कुराहट के पीछे की कपटता देख भी नहीं पाते हैं| किस व्यक्ति की इमेज किसी अन्य व्यक्ति के दिमाग में कैसी है? यह तक पहचानना मुमकिन नहीं है| लोगों की नजर में इमेज बनाने के लिए अपने आप को वास्तविक रूप से बेहतर बनाना होता है| क्योंकि फोटो में तो सभी अच्छे लगते हैं| लेकिन अगर आप किसी का दिल जीतना चाहते हैं ,तो असल में उनके लिए कुछ करके दिखाइए| 
शायद इसी वजह से आजकल युवाओं के रिश्ते भी लंबे समय तक नहीं टिक पाते |जब जिसे देखो वह नया रिश्ता जोड़ने में लगा रहता है| और जल्द ही उसका ब्रेकअप भी हो जाता है| क्योंकि सभी केवल तस्वीर देखकर एक दूसरे को पसंद कर रहे हैं| उनसे दोस्ती करने से पहले उनके बारे में जानने से पहले बस खूबसूरती देखकर प्रेम प्रस्ताव रख देते हैं| और फिर बाद में जब साथ में वक्त बिताते हैं, तब हकीकत सामने आती है| 
किसी की इमेज को पहचानना जितना मुश्किल है, उससे कहीं अधिक मुश्किल है किसी की नजर में अपनी इमेज बनाना| अगर आपको किसी से रिश्ता बनाना ही है तो, आप असल में कैसे स्वभाव के हैं? उसे अपना वह रूप दिखाइए नाकि अपनी बनावटी मुस्कान और फिल्टर लगी हुई तस्वीरों, वीडियो से उसकी नजर में अपनी इमेज बनाने की कोशिश कीजिए| 
अपने अंदर सच्चाई लाइए |अपने स्वभाव में नम्रता रखिए और वह भी तब जब आप असल में सच्चे हों या नम्रता से बात करना आपके संस्कारों में शामिल हो| यह ना हो कि आप मुंह पर तो मीठे बन रहे हैं और पीठ पीछे गाली दे रहे हैं| जो कहना है स्पष्ट कहिए| जिससे सामने वाला व्यक्ति आपके प्रति भ्रम में ना रहे| और फिर उस व्यक्ति पर छोड़ दीजिए कि वह आपसे मित्रता करना चाहता है या नहीं | हालांकि कई बार वर्षों तक किसी को जानने के बाद भी उसकी असलियत समझ नहीं आती| 
बुरे वक्त में जब वह व्यक्ति आपको अपना असली रूप दिखाता है, तभी समझ में आता है, कि वह आपका कितना अपना है? मगर फिर भी किसी की असलियत को पहचानने के लिए उसके साथ बातचीत करना, समय बिताना आवश्यक होता है| केवल तस्वीर वीडियो या रील को देखकर किसी की तरफ रिझाना सही नहीं है| अतः लोगों की नजरों में अपनी केवल तस्वीर से इमेज ना बनाएं अपने चरित्र में स्पष्टता लाकर अपनी सच्ची इमेज बनाएं|