हिसार, 27 फरवरी:- आध्यात्मिक गीता ज्ञान प्रचारिणी सभा एवं समस्त हरि शरणम् परिवार के तत्वाधान में गीता भवन मंदिर, रामपुरा मौहल्ला में ब्रह्म ज्ञान सत्संग का आयोजन किया गया। समस्त हरि शरणम परिवार के संयोजक सत्यनारायण शर्मा, एडवोकेट ने बताया कि कथा व्यास हिमालय तपस्वी परमहंस गंगेनंदन महाराज का मंदिर के प्रांगण में पहुंचने पर स्वागत किया गया।
उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए परमहंस गंगेनंदन महाराज ने कहा कि विनोद सत्संग विवेक नाहीं, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई। विवेक जो है, जगा हुआ पुरुष ही विवेक जगा सकता है, जो खुद ही सोए हैं वे भ्रम में है। वे शिष्यों का भ्रम नहीं मिटा सकते। ब्रह्म संत ही सही दिशा दिखा सकते हैं।
जिन्होंने उसे पाया है इसलिए ऐसे संत की सेवा करने व साथ रहने से मनुष्य के तथा सभी जीवों का कल्याण हो जाता है और आनंद की प्राप्ति होती है। आनंद अंदर की चीज है, जोकि अंदर से ही अनुभव होगा, लेकिन कैसे होगा, यह संत के आशीर्वाद से और आपकी लालसा से ही अनुभव होगा।
संयोजक सत्यनारायण शर्मा, एडवोकेट ने बताया कि सत्संग 28 फरवरी तक चलेगा। समापन पर प्रसाद वितरित किया जायेगा।
गीता भवन रामपुरा मौहल्ला में ब्रह्म ज्ञान सत्संग का आयोजन संत ही दिखा सकते हैं सही दिशा गंगेनंदन महाराज
