हांसी:– आम आदमी पार्टी ने देश व प्रदेश में चल रही गैस की कमी पर चिंता प्रकट करते हुए सरकार से जल्द से जल्द उचित कदम उठाकर सही मायनों में लोगों की समस्या को दूर करने की मांग की है ताकि हर व्यक्ति को कम से कम पेट की भूख मिटाने के लिये रोटी तो मिल सके। पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र सोरखी ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया है कि गैस की कोई कमी नहीं है जबकि हालात उलट हैं। 
भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण लोगों के भूखा रहने तक की नौबत आ गई है। गैस एजेंसियों पर लम्बी-लम्बी कतार लगी है। कालाबाजरी जोरों पर होने लगी है। घरेलू सिलेंडर 2500-3000 तक बिक रहा है। लोग एमरजेंसी में इतने रेट देने को मजबूर हैं। सरकार लोगों को पहले ही महंगाई की मार तले मार रही है। हाल में घरेलू सिलेंडर के 60 रुपये तथा कर्मिशयल सिलेंडर के 115 रुपये बढ़ा चुकी है। 
इसके बावजूद कर्मिशयल सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है और गैस एजेंसियों के बाहर महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और यहां तक कि बच्चे भी घंटों धूप में लाइन में लगने के बाद भी बिना सिलेंडर खाली हाथ लौट रहे हैं। कर्मिशयल सिलेंडर न मिलने से शादी-विवाह में भारी परेशानी आ रही है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोकने से प्रदेश में अनेकों उद्योग, होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं। 
यहां तक की रेहड़ी-फड़ी, हलवाई, चाय वाले आदि छोटे व मध्यम व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। काफी लोगों को मजबूरी में अपना काम बंद अथवा सीमित करना पड़ रहा है, जिसमें उनकी आय में सीधा असर पड़ रहा है। गैस सिलेंडर की किल्लत ने आम जनता का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 
इस संकट ने न केवल सामान्य जनजीवन को ठप्प कर दिया है, बल्कि केन्द्र व प्रदेश सरकार की असलियत को भी पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। आप के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र सोरखी ने कहा है कि सरकार को कमर्शियल गैस व घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सुचारु रूप से रखने के लिये तुरंत प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने चाहिये ताकि व्यापारी व आम जनता को राहत मिल सकें। 
उन्होंने कहा कि हर बार की तरह भाजपा सरकार खोखले दावे करने की बजाये धरातल पर काम करके दिखाये ताकि आम जनता को भी लगे कि सरकार जनता के प्रति भी जवाबदेह है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सरकार ने गैस की समस्या का समाधान न किया तो पार्टी जनता को साथ लेकर सडक़ों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।